‘1947 का विभाजन ऐतिहासिक भूल’

Barabanki Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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बाराबंकी। पूर्व न्यायमूर्ति/ लोकायुक्त सैय्यद हैदर अब्बास रजा ने सोमवार को आयोजित सम्मेलन में भारत, पाक, बांग्लादेश के विभाजन के कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का 1947 में हुआ विभाजन ऐतिहासिक भूल व जघन्य नरसंहार का मूक गवाह है। उस समय कांग्रेस ने सहयोग किया होता तो शायद विभाजन को टाला जा सकता था। श्री अब्बास सोमवार को गांधी जयंती ट्रस्ट में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद सदस्य व सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने की।
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श्री अब्बास ने कहा कि भारत एक महान देश है। यहां आज भी लोकतंत्र और धर्म निरपेक्षता कायम है। जबकि पाकिस्तान में ऐसा नहीं है। वहां तो विभाजन के समय भारत से गए मुसलमान तक शरणार्थी कहलाते हैं। विश्व में सबसे अच्छा मुल्क भारत है, इसमें कोई दो राय नहीं होनी चाहिए। इस देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य आदि शंकराचार्य ने किया था। एक बार फिर एशिया के तमाम देशों को एक सूत्र में एकता की भावना से जुड़ना चाहिए। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि, समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया के विचारों से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई सभी ने मिलकर लड़ी थी। ये इतिहास में दर्ज है कि भारत का विभाजन कैसे हुआ और इसके लिए दोषी कौन है। सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में स्थायी शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भारत-पाक महासंघ एक अच्छा विकल्प है। सपा जिलाध्यक्ष मौलाना मेराज ने श्री अब्बास को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर पंडित राजनाथ शर्मा, विधायक राम गोपाल रावत, एफ. आजम वारसी, गिरीश चंद्र पांडेय, धनंजय शर्मा, राजेश यादव, डॉ. कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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