विकास की बेलगाम दौड़ पर्यावरण के लिए खतरा

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 12:02 AM IST
Unbridled race for development is a threat to the environment
Unbridled race for development is a threat to the environment - फोटो : BANDA
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बांदा। सुप्रसिद्ध विचारक और राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि विकास की बेलगाम दौड़ पर्यावरण और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में आड़े आ रही है। इसके लिए सरकार और समाज के बीच आपसी तालमेल की जरूरत है।
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कहा कि समाज आगे आए और सरकार पीछे चले। तभी संतुलित विकास संभव है। गोविंदाचार्य शुक्रवार को देर शाम यहां पहुंचे। वह 28 अगस्त से यमुना यात्रा एवं अध्ययन प्रवास पर निकले हुए हैं।

शहर से कुछ दूर बड़ोखर खुर्द गांव में स्थित ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर में स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन के साथ विकास समय की जरूरत है। कार्यक्रम के मेजबान और प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह और छात्रों के साथ उन्होंने पर्यावरण संबंधी समकालीन मुद्दों पर चर्चा की।
ग्वालियर, कोलकाता और कर्नाटक के छात्र यहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। गोविंदाचार्य ने कृषि की मौजूदा पद्धति के संतुलन पर हो रहे कुठाराघात पर चिंता जताई। किसानों से आवर्तनशील खेती अपनाने पर बल दिया।
आगाह किया कि अर्थव्यवस्था कुछ चुनिंदा हाथों के नियंत्रण में चले जाने से अमीर और गरीब की खाई बढ़ती है। हालात नहीं बदले तो स्थिति बेलगाम हो जाएगी।

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