अब बिना सत्यापन किसानों से होगी धान की खरीद

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Wed, 28 Oct 2020 11:18 PM IST
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Now purchase of paddy from farmers without verification - फोटो : BANDA

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बांदा। धान खरीद में शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब किसान 100 क्विंटल तक धान बिना एसडीएम के सत्यापन के खरीद केंद्रों पर बेच सकेंगे। इसके अलावा टोकन सिस्टम भी खत्म कर दिया गया है। एसडीएम के सत्यापन से छूट मिलने से जहां किसानों को राहत मिलेगी, वहीं टोकन सिस्टम खत्म होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अभी तक सत्यापन के चक्कर में धान कई-कई दिन तक नहीं बिक पाता था। इससे किसानों को निजात मिलेगी, लेकिन टोकन सिस्टम खत्म होने से किसानों को आशंका है कि खरीद केंद्र प्रभारी मनमानी कर सकते हैं।
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चित्रकूटधाम मंडल में 15 अक्टूबर से धान खरीद शुरू की गई है। हालांकि अभी धान की फसल तैयार न हो पाने से खरीद केंद्रों पर सन्नाटा है। उधर, शासन ने इस वर्ष धान किसानों को एसडीएम द्वारा किए जाने वाले सत्यापन की शर्त से छूट दे दी है।
अब किसान बगैर सत्यापन के 100 क्विंटल तक धान बेच सकेंगे। अब तक एसडीएम यह सत्यापन करते थे कि किसान की भूमि और उपज कितनी है? उधर, सरकार ने इस बार धान खरीद केंद्रों पर टोकन व्यवस्था खत्म कर दी है। किसानों को क्रमानुसार टोकन जारी होते थे।
उसी क्रम में खरीद होती थी। इस व्यवस्था में केंद्र में पहले आकर पंजीयन कराने वाले किसान का धान पहले खरीदा जाता था। पूरी खरीद पंजीयन के आधार पर चलती थी। इसमें किसानों को यह पता रहता था कि उनकी बारी कब आएगी, अब टोकन व्यवस्था न होने से खरीद के क्रम का दारोमदार केंद्र प्रभारी के रहमोकरम पर होगा।
उधर, जिले में विभिन्न एजेंसियों के 45 खरीद क्रय केंद्र खोले गए हैं। 28 फरवरी 2021 तक खरीद होगी। खरीद का लक्ष्य 85 हजार मीट्रिक टन है। मंडी समिति स्थित एफसीआई के खरीद केंद्र प्रभारी महेश राठौर ने बताया कि अभी चार किसानों ने ही पंजीयन कराया है।
विपणन केंद्र प्रभारी पंकज कुमार का कहना है कि धान खरीद की तैयारी के लिए पूरी तरह तैयार है। पहली नवंबर के बाद धान आने की उम्मीद जताई जा रही है। किसान अभी धान की कटाई और मड़ाई आदि में लगा है।
समर्थन मूल्य-1868 रुपये
नमी में छूट-15 फीसदी
धान में मिली मिट्टी में छूट-2 फीसदी
डैमेज धान में छूट-3 फीसदी
मिक्चर धान में छूट-6 फीसदी
एक रुपये क्विंटल मंडी समिति लेगी
एफसीआई के केंद्र प्रभारी महेश राठौर का कहना है कि मंडी प्रशासन ने धान खरीद केंद्र खोलने के लिए प्रति केंद्र से लाइसेंस फीस के रूप में 251 रुपये लिए हैं। इसके अलावा खरीद होने पर एक रुपये क्विंटल अलग से लिया जाएगा।
केंद्र प्रभारियों के हाथ से छिना भुगतान
खरीद एजेंसियां सीधे किसान के खाते में भुगतान करेंगी। केंद्र प्रभारी धान खरीदने के बाद 6-आर प्रारूप जारी कर एजेंसी को भेज देंगे। इसमें किसान का नाम, खरीदा गया धान, भुगतान की रकम आदि दर्ज होगी। एजेंसी सीधे किसान के खाते में भुगतान करेगी। इसमें केंद्र प्रभारी को कोई रोल नहीं होगा।
केंद्र प्रभारी करेंगे मनमानी
किसान शिवचरन (पड़ुई) का कहना है कि पंजीयन में ही ऑनलाइन टोकन मिल जाता था। किसान उसी तिथि में केंद्र जाकर धान बेचता था, लेकिन टोकन व्यवस्था खत्म होने से केंद्र प्रभारी मनमानी करेंगे। आढ़तियों का धान पहले खरीदा जाएगा।
भुगतान में देरी होगी
किसान प्यारेलाल (कमासिन) का कहना है कि केंद्र प्रभारियों से भुगतान का अधिकार छीन लिए जाने से दिक्कतें होंगी। एजेंसी से सीधे भुगतान में देरी होगी। केंद्र प्रभारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेगा कि भुगतान एजेंसी से होना है।
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