शैक्षिक कार्य रुचिकर बनाती है प्रायोगिक विज्ञान

Banda Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
बांदा। प्रोजेक्ट कार्य शिक्षा पद्धति सरल बनाती है। प्रायोगिक वैज्ञानिक अध्ययन पद्धति के विकास में सहायक है। इससे शैक्षिक कार्य रुचिकर बनता है। ये बातें साइंस रिसर्च क्लब के रत्नेश सिंह ने कहीं। वह सोमवार को गणेश कालोनी स्थित सरस्वती ज्ञान गंगा मंदिर में आयोजित बाल विज्ञानी दिशा निर्देशन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
साइंस रिसर्च क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को प्रोजेक्ट के तौर तरीके सिखाने और विज्ञान व प्रौद्योगिकी आधारित प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था। क्लब के तौफीक उल्ला ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रोजेक्ट सिखाने वाली वैज्ञानिक गतिविधि बताई। यह 10 से 14 वर्ष के बच्चों को प्रोजेक्ट करने के लिए बेसिक स्थिति सिखाती है। प्रधानाचार्य नरेश सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों के लिए यह प्रतिभा निखारने का सुनहरा अवसर है। उन्हें कार्यशाला से लाभ उठाना चाहिए। संचालन क्लब प्रमुख सनी कुमार ने किया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक व क्लब सदस्य मौजूद रहे।


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