सामान्य में 75 फीसदी पर ठहरी मेरिट

Banda Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
बांदा। शिक्षा का अधिकार कानून लागू कर शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है और उच्च शिक्षा पर भी सरकारें जोर दे रही है। दूसरी तरफ इंटर पास करने के बाद हजारों छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए चक्कर काट रहे हैं। छात्रनेताओं ने तमाम प्रदर्शन भी किए लेकिन इसके बावजूद महज दस फीसदी सीटें ही बढ़ सकीं। इसमें भी व्यावसायिक वर्ग के छात्र-छात्राओं के प्रवेश अभी तक नहीं हो सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए प्रवेश की व्यवस्था की है। मेरिट के आधार पर एडमिशन किए जा रहे हैं। सामान्य की पहली मेरिट सूची 75 फीसदी के ऊपर रही जबकि एससी व एसटी और ओबीसी की मेरिट 65 फीसदी तक रही। इंटरमीडिएट पास करने के बाद छात्र-छात्राओं की कोशिश राजकीय महिला डिग्री कॉलेज और पंडित जेएन महाविद्यालय में प्रवेश की होती है। विश्वविद्यालय की ऑनलाइन मेरिट सूची जारी होने के पहले ही जेएन कॉलेज में करीब चार सौ प्रवेश लिए गए। अब ऑन लाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं त्रिशंकु की तरह विश्वविद्यालय प्रशासन व जेएन प्राचार्य के बीच अटके हैं। कहीं सुनवाई न होने से ऑन लाइन आवेदन करने वाले करीब दो हजार छात्रों की उच्च शिक्षा की हसरत पूरी होते नहीं दिख रही है।
उधर, ऐसे ही राजकीय महिला महाविद्यालय में हालात हैं। यहां करीब तीन सौ छात्राओं का प्रवेश लिया गया है। दूसरी मेरिट सूची विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र जारी करने जा रहा है। इसके भी 60 फीसदी के ऊपर ही रहने की उम्मीद है। इंटरमीडिएट में 60 फीसदी के नीचे अंक पाने वाले हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य क्या होगा ? इसकी सुधि न तो विश्वविद्यालय प्रशासन को है और न ही शासन गंभीर है।
उधर, बीए में उर्दू की तालीम हासिल करने की इच्छुक सैकड़ों छात्राओं के चेहरों पर मायूसी झलक रही है। उर्दू विषय महज राजकीय महिला महाविद्यालय में ही है। छात्राओं का कहना है कि यदि उनका प्रवेश यहां नहीं हुआ तो उर्दू छोड़नी पड़ेगी। उधर राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रामभरत सिंह तोमर ने कहा है कि बीकॉम व बीए (प्रथम वर्ष) में जिन छात्रों को उनका कॉलेज आवंटित हुआ है, वे सत्यापित व मूल अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर प्रवेश ले सकते हैं।

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