तब जलाई थी विदेशी वस्त्रों की होली

Banda Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
बांदा। महात्मा गांधी के आह्वान पर विदेशी वस्त्र बहिष्कार हुआ तो बांदा के युवाओं पर राष्ट्रपिता का यह आह्वान सिर चढ़कर बोला। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को खुली चुनौती देते हुए कोतवाली के सामने विदेशी वस्त्रों की होली जला दी।
स्वतंत्रता का जुनून सिर पर सवार था। जाति, धर्म, ऊंच, नीच सब भूलकर हरेक को आजाद भारत का स्वप्न दिख रहा था। ऐसे में 1920-21 में मुंबई के क्रांति मैदान में महात्मा गांधी ने विदेशी वस्त्रों की होली जलाकर बहिष्कार किया। नतीजे में यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया। बांदा में राजकीय इंटर कालेज के तत्कालीन अध्यापक पंडित लक्ष्मीनारायण अग्निहोत्री, ठाकुर जुगुल किशोर सिंह, रामनाथ विसारत गुप्त, हलके लोहार, जगन्नाथ करवरिया, भगवानदास पुरवार, शंभूनाथ, शेख इलाही, झाड़ी नाना गुप्त और गोपीचरन वाजपेयी उर्फ गोपी नेता ने बढ़चढ़कर विदेशी वस्त्रों को कोतवाली के सामने आग के हवाले कर दिया। तत्कालीन अंग्रेजी हुकूमत ने इन सभी को गिरफ्तार करा लिया और छह-छह माह की जेल यातना भोगनी पड़ी। अग्निहोत्री जी के जेल से बाहर आने पर महात्मा गांधी बांदा आए थे। जग्गोबाई पत्नी सेठ बेनीचंद्र गुजराती के हाते में महात्मा गांधी ने भारी जनसभा को संबोधित किया था। स्वतंत्रता के प्रति जागृति पैदा कर दी थी।
बांदा के उपरोक्त क्रांतिकारियों ने ही इस जनपद में साइमन कमीशन विरोध, नमक आंदोलन, अंग्रेजो भारत छोड़ो और करो या मरो में बढ़कर भाग लिया। अंग्रेजी प्रशासन की रेलवे लाइन, टेलीग्राम लाइन क्षतिग्रस्त कर दी। डाक के डिब्बों को देसी बम से उड़ा दिया। अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया। इसी समय क्रांतिकारी गोपी नेता ने यह शेर कहा था- ‘तिनका-तिनका चुनके एक आशियां ऐसा बनाया, कि बर्क को भी एहतरामे आशियां करना पड़ा।’
आजादी के इन दीवानों ने स्वतंत्रता के बाद न तो पेंशन ली न कोई सरकारी पद धारण किया। न ही सुविधाएं हासिल कीं। हालांकि आजादी के इन रक्षकों का लेखाजोखा सरकारी अभिलेखों में नहीं है। उन्हें भुलाया जा रहा है। गोपी नेता ने इन्हीं अवसरवादी हालात पर कहा था- ‘वक्त गुलिस्तां पर पड़ा तो लहू हमने दिया, चमन में बहार आई तो बोले तेरा काम नहीं’।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाला: चाईबासा कोषागार मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीसरे केस में लालू दोषी करार

रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के तीसरे मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। साथ ही पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी दोषी ठहराया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी पुलिस की हैवानियत का चेहरा, पिटाई की वजह से पेट में ही बच्चे की मौत

बांदा जिले की एक महिला ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये है। महिला का कहना है कि उसके पति को गिरफ्तार करने आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से महिला का तीन माह का गर्भ गिर गया।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper