फर्जी प्रमाण पत्र पर कनिष्ठ लिपिक निलंबित

Banda Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
बांदा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक कुमारी वंदना पाखरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र दाखिल करके नौकरी हथियाने का आरोप है। पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक हरि शंकर पांडेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कुमारी वंदना की नियुक्ति अनुसूचित जाति कोटे के अंतर्गत कनिष्ठ लिपिक पद पर हुई थी।
उन्होंने खटिक जाति का प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी लेकिन बाद में इस प्रमाणपत्र की उप जिलाधिकारी ने जांच की। इसमें वंदना पाखरे चिकवा यानि पिछड़ी जाति की पाई गईं। निदेशक ने निलंबन आदेश में कहा है कि इस मामले में उप निदेशक डा.एके सिसौदिया (लखनऊ मुख्यालय) जांच अधिकारी नामित किए गए हैं। वह एक पखवारे के भीतर आरोप पत्र निलंबित लिपिक को देंगे। दो माह में जांच पूरी करके निदेशालय को प्रस्तुत करेंगे। निलंबन अवधि में कुमारी वंदना उप निदेशक लखनऊ जोन लखनऊ कार्यालय में संबद्ध रहेंगी। ब्यूरो

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