कमान संभालेगी विद्यालय प्रबंध समिति

Banda Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
बांदा। परिषदीय विद्यालयों में होने वाले निर्माण कार्याें से ग्राम प्रधानों का दखल खत्म कर दिया गया है। अब ग्राम शिक्षा समितियां निर्माण कार्य कराएंगी। विद्यालय प्रबंध समितियां कार्याें की स्वीकृति देंगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी प्रधानाध्यापकों को सौंपी गई है।
अभी तक सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत विद्यालय निर्माण कार्याें जैसे विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, शौचालय, चाहरदीवारी, विद्यालय अनुरक्षण, विद्यालय विकास अनुदान, शिक्षक अनुदान आदि के कार्य ग्राम शिक्षा समितियां कराती थीं। उन्हीं के खाते में बजट भेजा जाता था। इस व्यवस्था में ग्राम प्रधानों का पूरा दखल था। लेकिन अब शासन ने इस व्यवस्था पर बदलाव कर दिया है। प्रदेश सरकार के सचिव सुनील कुमार द्वारा हाल ही में जारी किए गए शासनादेश में कहा गया है कि अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत सभी विद्यालयों में अब विद्यालय प्रबंध समिति गठित की गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में प्राविधान है कि विद्यालय के विभिन्न कार्याें को प्रबंध समिति के माध्यम से कराया जाए। केंद्र सरकार ने समिति गठित करने और उनके खाते खोलने के निर्देश दिए हैं।
नए शासनादेश के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2012-13 में सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत कार्योें की धनराशि विद्यालय प्रबंध समितियोें के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। यह कार्य केवल विद्यालय प्रबंध समितियों के माध्यम से कराए जाएंगे। इन कार्याें में विद्यालयों में सभी प्रकार के निर्माण कार्य, मरम्मत, रखरखाव, विद्यालय विकास अनुदान, शिक्षक अनुदान, सभी छात्र-छात्राओं के लिए यूनीफार्म, प्रबंध समिति अध्यक्ष के अलावा दो अभिभावक सदस्य होंगे।
नामित पदेन सदस्य शासकीय सेवक जो विद्यालय प्रबंध समिति का सदस्य होगा। दो अभिभावकों का चयन समिति द्वारा बैठक या बहुमत के आधार पर होगा। विद्यालय निर्माण की सामग्री का क्रय समिति करेगी। अध्यापक पंजिका में इसे प्रधानाध्यापक की उपस्थिति में दर्ज किया जाएगा। गुणवत्ता तीन सदस्यों द्वारा प्रमाणित की जाएगी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा निर्माण कार्य के गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। गड़बड़ी होने पर शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को देना होगी। खंड शिक्षा अधिकारी इस शिकायत पर ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता के साथ मामलों की जांच कराएंगे।
प्रबंध समिति का खाता राष्ट्रीयकृत/शेड्यूल बैंक में खोला जाएगा। हर वर्ष जुलाई माह में प्रबंध समिति और अभिभावक सदस्यों को अपडेट किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट जरूरत के मुताबिक स्कूलों में होने वाले निर्माण कार्याें की जांच टीम से कराएंगे। इस टीम में दो विभागों के अभियंता और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी होगा। शिकायतें गंभीर होने पर डीएम मजिस्ट्रेट से भी जांच करा सकते हैं।

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