बिना आईडी धड़ल्ले से बिक रहे सिम

Banda Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
बांदा। शहर से लेकर कस्बों व गांव-गांव में खुलीं मोबाइल की दुकानों में बिना कोई फोटो पहचान पत्र के धड़ल्ले से सिम बेंची जा रही हैं। अब ऐसे में ये सिम चाहे संदिग्ध व्यक्ति खरीदे या फिर आम नागरिक, दुकानदारों की बला से। उन्हें तो अपना कमीशन चाहिए। निजी मोबाइल कंपनियां भी प्रति स्पर्धा में आगे निकलने की चाहत में आईडी प्रूफ लेना जरूरी नहीं समझतीं। पुलिस व प्रशासन भी इस गंभीर मसले को लेकर संजीदा नहीं है।
हाल ही में नागपुर में हुए बम धमाके की घटना से जुड़े एक आरोपी को महाराष्ट्र पुलिस व एसटीएफ ने पकड़ा था। उसके पास से कई फर्जी सिम भी बरामद हुए थे। यह कोई नया वाकया नहीं है। इससे पहले भी आतंकी फर्जी आईडी से सिम खरीदकर इसका इस्तेमाल करते रहे हैं। निजी मोबाइल कंपनियों पर सरकार ने कई बार शिकंजा भी कसा और सिम की बिक्री में सावधानी बरतने को लेकर सख्ती भी की। बावजूद इसके जिला व पुलिस प्रशासन इसको लेकर संजीदा नहीं है। शहर ही नहीं गांव की गलियों में खुली परचून व जनरल स्टोर की दुकानों में सिम धड़ल्ले से बिक रहे हैं। दुकानदार अधिक से अधिक सिम बेंचने व अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में पुख्ता पहचानपत्र लेना जरूरी नहीं समझते। शहर में ही देखें तो हर चार कदम पर मोबाइल की दुकानें खुली हैं। इन दुकानों में सिम की कीमत से अलावा 25-50 रुपये थमा दीजिए तो आपको पहचानपत्र देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। दुकानदार पहले से एक्टीवेट रखा सिम तुरंत थमा देते हैं। कटरा स्थित एक सिम विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब तो निजी मोबाइल कंपनियां भी अपना संजाल फैलाने के चक्कर में आईडी प्रूफ लेना जरूरी नहीं समझतीं। अब ऐेसे में इन दुकानों से सिम स्थानीय व्यक्ति खरीदे या फिर बाहर से आया कोई संदिग्ध व्यक्ति। जिला व पुलिस प्रशासन भी इन दुकानदारों के खिलाफ कभी जांच अभियान चलाने की जहमत नहीं उठाता।
शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
बांदा। क्षेत्राधिकारी नगर आशुतोष शुक्ला ने बताया कि पुलिस इस पर निगाह रखती है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी होती है, जबकि उप जिलाधिकारी सदर गिरीश कुमार शर्मा ने बताया कि ऐसे सिम विक्रेताओं के खिलाफ शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा। बिना पुख्ता आईडी के सिम बेचते पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिना आईडी सिम देने का मामला गंभीर : टीडीएम
बांदा। बीएसएनएल के जिला प्रबंधक वीके गुप्ता इसे बेहद गंभीर मामला बताते हैं। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल में ठोस आईडी प्रूफ जमा करने के बाद ही सिम ग्राहक को दिया जाता है। कहा कि इस पर टीआरआई नियंत्रण रखती है। शिकायत मिलने पर जुर्माना व कार्रवाई भी करती है। जिला प्रशासन को इस पर निगाह रखनी चाहिए और अभियान चलाना चाहिए।

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