दस्यु दलों की भनक पर पुलिस ने छानी जंगलों की खाक

Banda Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
अतर्रा। दस्यु दलों की चहलकदमी पर पुलिस और पीएसी की टीमों ने फतेहगंज क्षेत्र के जंगलों में कांबिंग की। कई घंटों तक खाक छानने के बाद भी पुलिस को दस्युओं का सुराग नहीं लगा। पुलिस अधिकारी का कहना है कि सख्ती होने पर दस्यु दल सीमावर्ती मध्य प्रदेश में दाखिल हो जाते हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद और क्षेत्राधिकारी कृष्णचंद्र सिंह के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी जवानों ने दस्यु दलों की तलाश में बीहड़ों में कांबिंग की। रविवार को सुबह सात बजे शुरू हुई कांबिंग देर शाम को खत्म हुई। कांबिंग के दौरान संगीनों से लैस जवानों ने दस्युओं की शरणस्थली के रूप में बदनाम गोबरी गुड़रामपुर, कोलौंहा, जरैलापुरवा, बिलरियामठ, कारीडांडी सहित आधा दर्जन गांवों में भी छापा मारा। ग्रामीणों से दस्युओं की चहलकदमी की जानकारी की। अपराधी किस्म के ग्रामीणों से पूछताछ की लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
अपर एसपी ने ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। कहा कि निर्भयता से जीवन जिएं। अपना और क्षेत्राधिकारी का मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि दस्यु दलों की जानकारी होने पर उन्हें तत्काल सूचना दें। जानकारी देने वाले का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। कांबिंग में थानाध्यक्ष रज्जनलाल त्रिपाठी (अतर्रा), सुरेंद्र कुमार (बदौसा), शिवमिलन सिंह (फतेहगंज) मय फोर्स के शामिल रहे। उधर, दस्युओं के लिए बारिश का मौसम बेहद मुफीद माना जाता है लेकिन दस्युओं की तलाश में जंगलों की खाक छानने पहुंची पुलिस को इस मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कीचड़ और फिसलन से जूझना पड़ा।
उधर, मध्य प्रदेश की सरहद से जुडे़ दस्यु प्रभावित जंगलों और गांवों में पुलिस के जत्थे ने कांबिंग की। ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग समेत बहादुरपुर, कुम्हारनपुरवा, गड्डिहा, आम घाटी, सौंहा पहाड़ी आदि में सुबह साढे़ 8 से दोपहर बाद 3 बजे तक पुलिस की कांबिंग चलती रही। क्षेत्राधिकारी सहित कालिंजर थानाध्यक्ष सीबी सिंह, नरैनी कोतवाली प्रभारी विवेकानंद तिवारी, गिरवां थानाध्यक्ष और डेढ़ सेक्शन पीएसी शामिल रही।

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