दलहन और तिलहन बीज का टोटा

Banda Updated Thu, 12 Jul 2012 12:00 PM IST
बांदा। मानसून में देरी के बाद अब किसान खरीफ की बुआई के लिए अरहर व तिल के बीज के लिए परेशान हैं। नर्सरी तैयार न होने से धान की फसल लक्ष्य से 30 फीसदी कम होने की उम्मीद है। उधर, डीएपी व यूरिया खाद की कीमत बढ़ जाने से किसानों को ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। पीसीएफ के गोदाम खाद से भरे हैं।
कृषि विभाग ने मौजूदा खरीफ के मौसम में 55 हजार 840 हेक्टेयर धान, 25 हजार 742 हेक्टेयर ज्वार, 3 हजार 575 हेक्टेयर बाजरा, 5 हजार 245 उर्द, 6 हजार 435 हेक्टेयर मूंग, 21 हजार 536 हेक्टेयर अरहर, 581 हेक्टेयर मूंगफली, 17 हजार 259 हेक्टेयर तिल और 165 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सोयाबीन बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया था। मानसून में एक पखवारे की देरी से धान लक्ष्य को झटका लगा है। सूखी नहरों के चलते किसान नर्सरी तैयार नहीं कर पाए। मात्र गिने-चुने निजी नलकूप वाले किसान ही नर्सरी तैयार कर पाए हैं। कृषि विभाग के पास अरहर और तिल का बीज उपलब्ध नहीं है।
संयुक्त निदेशक (कृषि) उमाशंकर ने स्वीकार किया कि अरहर और तिल का बीज आने में देरी हुई। बीज विकास निगम उन्हें बीज उपलब्ध कराता है। बारिश थमने और धूप निकलने के बाद किसान अरहर, ज्वार और तिलहन की बुआई में जुट गया है। परंपरागत घरेलू बीज बोना किसानों की मजबूरी है। बीज की निजी दुकानों में साग-भाजी के अलावा कोई बीज नहीं है। सहकारिता विभाग और एग्रो के पास भी बीज उपलब्ध नहीं है। संयुक्त निदेशक का कहना है कि धान आच्छादन घटने से दलहन और तिलहन की बुआई बढ़ी है। 15 जुलाई तक अरहर और तिल का पर्याप्त बीज कृषि विभाग के सभी केंद्रों में उपलब्ध होगा।
धान की रोपाई न होने से खाद की मांग लगभग शून्य है। खरीफ की फसलों में किसान सिर्फ धान में ही खाद का इस्तेमाल करते हैं। कृषि विभाग और पीसीएफ के गोदामों में 3010 मीट्रिक टन यूरिया और 7572 मीट्रिक टन डीएपी और 1163 मीट्रिक टन एनपीके/एपीएस खाद डंप है। उप निदेशक ने बताया कि धान की रोपाई के बाद खाद की मांग बढ़ेगी। पिछले साल इसी मौसम में डीएपी प्रति बोरी 910 रुपए में मिल रही थी। इस साल किसानों को एक बोरी की कीमत 1206 रुपए अदा करनी होगी। यूरिया की बोरी भी पिछले साल के 297 के मुकाबले इस साल 314 रुपए में मिलेगी।

Spotlight

Most Read

Gorakhpur

पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने को सड़क पर उतरी करणी सेना

पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने को सड़क पर उतरी करणी सेना

22 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी पुलिस की हैवानियत का चेहरा, पिटाई की वजह से पेट में ही बच्चे की मौत

बांदा जिले की एक महिला ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये है। महिला का कहना है कि उसके पति को गिरफ्तार करने आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से महिला का तीन माह का गर्भ गिर गया।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper