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हजारों मीट्रिक टन गेहूं की रखने की जगह नहीं

Banda Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
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बांदा। एफसीआई सहित अन्य एजेंसियों के गोदाम गेहूं के बोरों से लबरेज हो जाने के बाद 33,900 मीट्रिक टन गेहूं रखने की जगह नहीं बची। यह गेहूं फिलहाल खरीद केंद्रों में ही असुरक्षित ढंग से रखा हुआ है। बारिश से भीगकर खराब होने का अनदेशा है। दूसरी ओर जानवर भी इनमें मुंह मार रहे हैं। बांदा में 17,223 एमटी गेहूं डिलेवरी को शेष है। इनमें सबसे ज्यादा 10,951 एमटी खाद्य विभाग का है। आढ़तियों के यहां 2422, पीसीएफ में 2527, यूपी एग्रो में 494, यूपीएसएस में 205, कर्मचारी कल्याण निगम में 416 और एनसीसीएफ में 209 मीट्रिक टन गेहूं डिलेवरी के लिए बाकी है। हमीरपुर में कुल 6937 एमटी गेहूं गोदामों में नहीं पहुंच पाया। सबसे ज्यादा 3253 एमटी खाद्य विभाग का है। पीसीएफ का 2155 और यूपी एग्रो का 1559 एमटी गेहूं डिलेवरी नहीं हुआ। महोबा जनपद में कुल 4753 एमटी गेहूं डिलेवरी होना है। खाद्य विभाग का 3668, पीसीएफ का 1085 एमटी गेहूं शामिल है। चित्रकूट में 4986 मीट्रिक टन गेहूं डिलेवरी के लिए बाकी है। इसमें 1820 एमटी खाद्य विभाग, 311 एमटी आढ़ती, 2693 एमटी पीसीएफ और 163 एमटी यूपी एग्रो का है। ब्यूरो
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