गजब आरटीआई से सूचना पर मांग लिया बाबू का वेतन

Banda Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
बांदा। जनसूचना अधिकार अधिनियम से अनभिज्ञ होने का नगर पालिका परिषद नायाब नमूना है। अधिनियम के तहत सूचना मांगने पर परिषद ने लिपिक की तैनाती और उसका वेतन जमा करने की फरमाइश की है।
समाजसेवी आशीष सागर दीक्षित ने नगर पालिका परिषद से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी कि वर्ष 2007 से वर्ष 2012 तक खनिज से कितनी रायल्टी प्राप्त हुई? निर्माण कार्याें से संबंधित भी सूचना चाही थी। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने इस पर जवाब दिया है कि पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्य सूचीबद्ध नहीं हैं। इन्हें उपलब्ध कराने में एक माह का समय लगेगा। साथ ही एक दैनिक भोगी कर्मचारी लगाना पडे़गा। जिसका वेतन 3600 रुपए मासिक होगा। साथ ही दो रुपए प्रति पेज फोटोकापी की दर से 6000 रूपए (कुल 9600 रुपए) जमा करें तभी यह सूचना दी जाएगी। यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्याें की फाइलों में लगी रायल्टी का निरीक्षण करना हो तो 10 रुपए प्रति घंटे की दर से शुल्क जमा करें। आशीष ने कहा है कि पहली बार यह बात सामने आई कि आरटीआई में मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के लिए लिपिक का वेतन मांगा जा रहा है। अधिशासी अधिकारी को इस अधिनियम का शायद ज्ञान नहीं है। उन्हें पढ़ना चाहिए।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Shimla

भर्ती के लिए इंटरव्यू को लेकर जयराम सरकार ने लिया ये फैसला

जयराम सरकार भी तृतीय और चतुर्थ श्रेणियों के कर्मचारियों की भर्ती के लिए इंटरव्यू नहीं लेगी।

23 फरवरी 2018

Related Videos

दूल्हे की इस हरकत पर दुल्हन के पिता ने की आत्महत्या की कोशिश

बांदा में दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी की शादी टूटने से आहत पिता ने आत्महत्या करने की कोशिश की।

20 फरवरी 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen