विज्ञापन

बुंदेलखंड के पशुओं पर खपा दिए 100 करोड़

Banda Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
रशीद सिद्दीकी
विज्ञापन
बांदा। बुंदेलखंड पैकेज से पशु पालन के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपए ठिकाने लग गए लेकिन न पशुओं की हालत बदली और न ही पशु पालकों का कुछ भला हुआ। अन्ना प्रथा भी जस की तस बरकरार है जबकि इस पर दो करोड़ रुपए खर्च हो गए। इस संबंध में चलाए गए जागरूकता शिविर कागजों में ही ज्यादा चले।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड विशेष पैकेज में पशुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की थी। इसमें बहुत से प्रावधान और योजनाएं थीं लेकिन सात जनपदों में फैले बुंदेलखंड के किसी भी जिले में पशुओं की बदहाली दूर नहीं हुई। न ही पशु पालकों को कोई फायदा हुआ। पशु पालन पर लगभग 13 करोड़ रुपए खर्च किए गए। शेष 27 करोड़ डेयरी विकास पर खपाए गए। अन्ना प्रथा के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए एक करोड़ 92 लाख रुपए खर्च हुए। पर यह प्रथा दूर होना तो दरकिनार दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
पशु पालन विभाग उत्तर प्रदेश ने यह जानकारियां जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच महासचिव नसीर अहमद सिद्दीकी को दीं। इसमें बताया गया है कि पशु पालन के लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को भी 15 करोड़ 33 लाख रुपए दिए गए। इसके तहत उन्हें बुंदेलखंड में कृत्रिम गर्भाधान से उन्नतिशील किस्म के पशुओं का प्रसार करना था लेकिन किसी भी एनजीओ ने अपने काम को बखूबी अंजाम नहीं दिया। सवा 11 करोड़ रुपए बकरी पालन के लिए दे दिए गए। लाभार्थियों को जो बकरी दी गईं वह इतनी घटिया थीं कि ज्यादातर मर गईं। इस संबंध में लोगों का कहना है कि इतने पैसे से तो बुंदेलखंड में एक लाख बकरियां खरीदी जा सकती थीं।
इसी प्रकार पैकेज में पशु चारा इकाई के लिए पांच करोड़ 68 लाख रुपए खर्च बताए गए हैं। यह चारा कौन चर गया इसका किसी को पता नहीं है। किसान तो अपने पशुओं के लिए आज भी चारे का खुद जुगाड़ कर रहे हैं इसीलिए अन्ना प्रथा भी बरकरार है। 11 करोड़ 33 लाख रुपए टीकाकरण और प्रशिक्षण में ठिकाने लगा दिए गए। पशुओं की बीमारी अभी भी बरकरार है।
प्रत्येक जनपद में दो-दो सचल पशु अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक और सुविधा से लैस होने चाहिए थे। वह भी नदारद हैं जबकि इसके नाम पर साढ़े 13 करोड़ रुपए खर्च हो गए। बुंदेलखंड के स्थायी पशु अस्पताल जर्जर भवनों में हैं। श्री सिद्दीकी का कहना है कि पशु पालन के नाम पर खर्च की गई इतनी भारी-भरकम रकम का हिसाब दिया जाना चाहिए।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Rajasthan

मानवेंद्र सिंह ने भाजपा का दामन छोड़ा, पार्टी में शामिल होने को बताया बड़ी भूल

राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे और भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह ने शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

23 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: नकली एसपी बनकर कॉन्स्टेबल कर रहा था गलत काम, रात के अंधेरे में धरा गया

बांदा में लखनऊ के नंबर वाली लग्जरी गाड़ी में नीली बत्ती और एसपी का स्टीकर लगाकर उगाही कर रहे एक कॉन्स्टेबल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

14 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree