समस्याओं से जूझ रही 40 हजार की आबादी

Banda Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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पिपरगवां। तिंदवारी क्षेत्र के बेंदा, जौहरपुर, अमलीकौर और माचा समेत इनसे जुडे़ एक सैकड़ा मजरों में आबाद करीब 40 हजार की आबादी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है। करीब आधे मजरों में बिजली नहीं है। पेयजल की भी दिक्कतें हैं। 17 किलोमीटर के दायरे में कोई अस्पताल नहीं है। आठ माह से एएनएम भी नदारद हैं। इकलौती पुलिस चौकी में मात्र एक सिपाही तैनात है।
मजरों की हालत ज्यादा ही दयनीय है। बरसात में दलदल से गुजरकर घर तक पहुंचना होता है। यहां लगे 31 हैंडपंप रिबोर होने हैं। बेंदाघाट में जल संस्थान की टंकी से सिर्फ बेंदाघाट और दो किलोमीटर इर्दगिर्द पानी मिल रहा है। 43 मजरों में बिजली नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर पुलिस चौकी में मात्र एक सिपाही है। पुलिस चौकी में अक्सर ताला जड़ा रहता है और आवारा मवेशी यहां पनाह लेते हैं। पूर्व में इस चौकी में चौकी प्रभारी सहित छह पुलिस कर्मी तैनात थे लेकिन एक वर्ष से यह सूनी हो गई है। बेंदा ग्राम प्रधान और सांसद प्रतिनिधि विवेक कुमार सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों को कई बार समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में सीएमओ डा.केएन श्रीवास्तव का कहना है कि एएनएम की जनपद में कमी है। शासन को अवगत कराया गया है। इस क्षेत्र की एएनएम उर्मिला देवी हैं। उन्हें पदोन्नति देकर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक बनाया गया है। बेंदा चौकी में पुलिस की कमी की बाबत तिंदवारी थानाध्यक्ष डीपी यादव ने कहा कि फोर्स की कमी पहले से ही है।

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