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मिडडे मील से एनजीओ ‘साफ’

Banda Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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बांदा। शहर के परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील व्यवस्था फिर अध्यापकों के हवाले कर दी गई है। स्वयंसेवी संगठनों का पत्ता साफ हो गया है। ज्यादातर विद्यालयों में बच्चों को यह भोजन परोसा जाने लगा है। अब नई व्यवस्था के तहत डीएम के आदेश पर नगर पालिका परिषद अधिशासी अधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से मिड-डे मील की व्यवस्था कर रहे हैं।
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बांदा शहर के परिषदीय विद्यालयों में पिछले कुछ अरसे से गैर जनपदों के स्वयंसेवी संगठन मिड-डे मील वितरित कर रहे थे। शहर में लगभग 48 विद्यालय हैं। इनमें 33 प्राथमिक विद्यालय हैं। इस वर्ष जनवरी माह से स्वयंसेवी संगठनों ने मिड-डे मील वितरण बंद कर दिया। जिलाधिकारी ने उनका एग्रीमेंट भी निरस्त कर दिया है। अधिकांश विद्यालयों में नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गई है।
उधर, वार्ड 15 (छावनी) की पूर्व सदस्य मिड-डे मील के बर्तन इत्यादि कमरे में बंद करके ताला जडे़ हुए हैं। अधिकारियों को सूचना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नतीजे में प्राथमिक विद्यालय छत्रसाल भाग- 1 व 2 और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बलखंडी नाका में मिड-डे मील व्यवस्था शुरू नहीं हो पा रही है।

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