बांदा में किसानों का गुस्सा फूटा

Banda Updated Sat, 30 Aug 2014 05:30 AM IST
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बांदा। मांगों की पूर्ति के लिए बीते दो माह से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे आंदोलनरत किसानों का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। मंडल भर से आए सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए डीएम कक्ष में ताला जड़ दिया और जमकर तोड़फोड़ की। पहले से ही तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें काबू में किया। मन नहीं भरा तो उत्तेजित किसानों ने कमिश्नर आवास पर भी धरना देकर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन आयुक्त को सौंपा।
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बुंदेलखंड के किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) पहली जुलाई से यहां कलेक्ट्रेट में लगातार धरना दिए है। लगभग दो माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन या जनप्रतिनिधियों ने किसानों की कोई सुध नहीं ली। शुक्रवार को आंदोलन के 60वें दिन यूनियन ने मंडल भर से आए किसानों को इकट्ठा कर जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर को किसानों का हुजूम शासन और प्रशासन विरोधी नारे लगाता हुआ डीएम कार्यालय और विश्राम कक्ष के सामने पहुंच गया। किसानों के तेवर देखकर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस कर्मियों ने शृंखला बनाकर किसानों को रोकना चाहा तो वे भड़क गए और पुलिस का विरोध करते हुए डीएम कार्यालय में ताला जड़ दिया। वहां रखी कुर्सियां आदि तोड़ कर तहस-नहस कर दीं। कुछ देर डीएम कक्ष के सामने धरना भी दिया, लेकिन कोई अधिकारी किसानों की परेशानी सुनने नहीं आया।
इसके बाद किसानों का हुजूम कमिश्नर आवास पहुंच गया। वहां मुख्य सड़क पर धरना देकर यातायात ठप कर दिया। ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ नारे के बीच देर तक धरना दिया। कुछ देर बाद यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा के नेतृत्व में सचिव वीरेंद्र तिवारी, संगठन मंत्री लक्ष्मीकांत, जिलाध्यक्ष गणेश प्रसाद सहित चंद्रपाल और बालकृष्ण पटेल आदि किसान नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने मंडलायुक्त मुरलीधर दुबे से मुलाकात की। किसान नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री को संबोधित 13 सूत्री मांग पत्र दिया। इसमें बुंदेलखंड को शीघ्र सूखा घोषित कर राहत कार्य शुरू करने, किसानों से वसूली और उत्पीड़न रोकने, उनका पूरा कृषि कर्ज माफ करने, 10 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा, अन्ना जानवरों के लिए कांजी हाउस, रियायती दर पर खाद-बीज, मुफ्त बिजली-पानी, बुंदेलखंड कृषक आयोग का गठन, मुफ्त बोरिंग, 24 घंटे बिजली, किसानों को पेंशन इत्यादि की मांगें शामिल हैं। आयुक्त ने किसानों से हमदर्दी जताई और कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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