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शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय नहीं

Banda Updated Fri, 23 May 2014 05:31 AM IST
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बांदा। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद पठन-पाठन का कार्य संभाल रहे शिक्षामित्रों का कोई पुरसाहाल नहीं है। मानदेय भी समय से नहीं मुहैया कराया जा रहा है। तीन माह से मानदेय न मिलने से शिक्षामित्रों के परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
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जनपद में करीब दो हजार शिक्षामित्र परिषदीय स्कूलों में तैनात हैं। इनमें सर्वशिक्षा अभियान से 1604 तथा बेसिक से 420 शिक्षामित्र हैं। करीब 1600 प्राथमिक विद्यालयों में 100 से ज्यादा विद्यालय ऐसे हैं, जहां शिक्षामित्रों पर ही एमडीएम से लेकर शिक्षण कार्य तक की जिम्मेदारी है। जून माह में बंदी के वक्त उनका मानदेय नहीं दिया जाता। शिक्षामित्र अजय (गढ़ी चांदपुर), संतोष यादव (माधौपुर), अभिषेक यादव (गर्गनपुर), शिवबरन (ब्रह्माडेरा), राकेश मिश्रा (कुरौली), रमा तिवारी (कमासिन), शकीला बानो (बदौसा) का कहना है कि उन्हें मार्च माह से मानदेय नहीं दिया गया। उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बीएसए पीएन श्रीवास्तव ने बताया कि बजट आते ही शिक्षामित्रों का मानदेय खाते में भेज दिया जाएगा। सर्वशिक्षा अभियान के शिक्षामित्रों का मानदेय दो-तीन में पहुंच जाएगा। फीडिंग का काम चल रहा है।

डीएम और बीएसए का घेराव करेंगे
बांदा। शिक्षामित्र बेलफेयर एसोसिएशन महामंत्री फूल सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों की तरह शिक्षामित्र उपेक्षित हैं। बीएसए दफ्तर में सात माह से फीडिंग नहीं हो पा रही है। चेतावनी दी कि दो दिन में मानदेय नहीं दिया गया तो संगठन बीएसए और डीएम दफ्तर का घेराव करेगा।

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