मंडल में 13.89 रोडवेज को करोड़ का घाटा

Banda Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा में 324 बसों का बेड़ा
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घाटे में महोबा रहा अव्वल और बांदा का है दूसरा स्थान
पंकज शर्मा
बांदा। यात्रियों की रेलमपेल के बावजूद रोडवेज घाटे में है। चित्रकूटधाम मंडल में तीन सैकड़ा से ज्यादा चल रहा बसों का बेड़ा विभाग को कंगाल और अफसरों को मालामाल कर रहा है। बीते वर्ष में परिवहन निगम को यहां 13 करोड़ 89 लाख रुपये का घाटा झेलना पड़ा है।
रोडवेज की खटारा बसों में भी यात्रियों की भरमार रहती है। लेकिन इसके बाद भी घाटा बताया जाए तो बात गले नहीं उतरती। लेकिन चित्रकूटधाम मंडल में परिवहन निगम की यही हालत है। बांदा, महोबा, राठ और हमीरपुर डिपो में लगभग 325 बसों का बेड़ा है। अब इन बसों की कमाई पर नजर डालें तो पहली अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 तक इन बसों से परिवहन निगम को 80 करोड़ 38 लाख 92 हजार रुपये की आमदनी हुई। जबकि इस अवधि में खर्च 94 करोड़ 27 लाख 79 हजार रुपयेहुआ। यानि सिर्फ एक साल में निगम को 13 करोड़ 88 लाख 87 हजार रुपए का घाटा हुआ। यानि हर माह परिवहन निगम लगभग सवा करोड़ रुपये घाटे में रहा।
चित्रकूटधाम मंडल में बांदा के बाद सबसे ज्यादा बसें महोबा डिपो में हैं। घाटा भी सबसे बड़ा महोबा का है। यहां आमदनी 22 करोड़ 38 लाख 31 हजार रुपये हुई और खर्च 26 करोड़ 35 लाख 15 हजार है। यानि 3 करोड़ 95 लाख 84 हजार रुपये का सीधा घाटा। घाटे के मामले में दूसरा नंबर बांदा डिपो का है। बीते वर्ष में यहां 25 करोड़ 40 लाख 89 हजार की आमदनी हुई। लेकिन खर्च 29 करोड़ 7 लाख 21 हजार रुपये हुआ। 3 करोड़ 66 लाख 32 हजार का घाटा हुआ। राठ डिपो में आमदनी 18 करोड़ 29 लाख रुपये रही और खर्च 21 करोड़ 87 लाख 94 हजार रुपये हो गए। यानि 3 करोड़ 58 लाख 81 हजार की चपत लगी। हमीरपुर डिपो की आमदनी 14 करोड़ 30 लाख 59 हजार रही और खर्च 16 करोड़ 98 लाख 49 हजार हुआ। 2 करोड़ 67 लाख 90 हजार रुपये का घाटा सहना पड़ा। उधर, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार का कहना है कि भीषण गर्मी और अत्यधिक ठंड में यात्रियों की संख्या घट जाती है। साथ ही लगभग हरेक रूट पर डग्गामार वाहन भी रोडवेज को घाटा पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहालग और अमावस्या में ही यात्रियों की संख्या बढ़ने से आमदनी ठीकठाक हो पाती है।
सिर्फ मई-जून फायदेमंद
बांदा। साल के सिर्फ दो महीने ही परिवहन निगम को फायदेमंद रहे। मई माह में चित्रकूटधाम मंडल के चारों डिपो में 8 करोड़ 81 लाख 35 हजार रुपये की आमदनी हुई। जबकि खर्च 7 करोड़ 70 लाख 32 हजार रुपये हुए। यानि 1 करोड़ 11 लाख 3 हजार का शुद्ध मुनाफा हुआ। इसी तरह जून माह में 7 करोड़ 45 लाख 41 हजार की आमदनी और 7 करोड़ 43 लाख 73 हजार का खर्च हुआ। एक लाख 68 हजार रुपये का फायदा हुआ।
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