पेंशनर अब बैंकों को देंगे जीवित प्रमाणपत्र

Banda Updated Sat, 26 Oct 2013 05:41 AM IST
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बांदा। खुद को जिंदा साबित करने के लिए पेंशनरों को अब कोषागार में हाजिरी नहीं देना पड़ेगी। जिस बैंक से उन्हें पेंशन मिल रही है उसी में वह अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र दे सकेंगे। यह व्यवस्था इसी वर्ष से लागू होगी।
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कोषागार से पेंशन हासिल करने वालों को हर साल दिसंबर माह में अपने जीवित होने का सुबूत और प्रमाणपत्र कोषागार को पेश करना होता है। तमाम बूढ़े और जिस्म से जर्जर पेंशनर कोषागार में दस्तक देते हैं। मुख्य कोषाधिकारी पूर्णेंदु शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पेंशनरों को अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र कोषागार में नहीं बल्कि उस बैंक में जहां उन्हें पेंशन मिल रही है जमा करना होगा। कोषाधिकारी ने कहा कि इसमें बैंक शाखा प्रबंधकों या कर्मियों ने पेंशनरों को परेशान किया तो उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी।
मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि जिन पेंशनरों के खाते बैंकों में हैं उन बैंक शाखाओं को पेंशनरों की संख्या और सूची भेजी जा रही है। पेंशनर अपने बैंक जाकर अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र दो प्रतियों में बैंक में जमा कर दें। इसके लिए आवेदनपत्र बैंक से ही मिलेगा। बैंक को यह आवेदनपत्र कोषागार की ओर से भेजे जा रहे हैं।
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