नौ वर्ष पूर्व नोटिस देकर साध ली ‘चुप्पी’

Banda Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
पंकज शर्मा
बांदा। तमाम कवायदों के बाद भी जिला प्रशासन सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटा पाने में नाकाम रहा है। जनपद के लगभग सभी नगरीय क्षेत्रों में लाखों वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर लंबे अरसे से अवैध कब्जों की भरमार है। जनपद की दो नगर पालिकाओं बांदा और अतर्रा में लगभग दो अरब रुपए कीमत की भूमि पर अवैध कब्जे हैं। कुछ स्थानों पर प्रशासन ने करीब 9 वर्ष पूर्व नोटिस देकर बेदखली के लिए कार्रवाई शुरु की थी। बाद में चुप्पी साध ली। बांदा और अतर्रा में अवैध कब्जों वाली भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 200 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
बांदा शहर में नगर पालिका परिषद के दस्तावेज बताते हैं कि 2,67,820 वर्ग मीटर भूमि नजूल है। इसी तरह अतर्रा में 6,123 वर्ग मीटर नजूल भूमि दर्ज है। बांदा में नजूल भूमि पर कब्जा किए लोगों की संख्या 693 बताई गई है। इनके कब्जे में दो लाख 36,415 वर्ग मीटर भूमि है। कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जिनका बाजार भाव काफी महंगा है। नगर पालिका नीलामी या फ्रीहोल्ड से यह भूमि बेचे तो उसे करोड़ों रुपए की आमदनी हासिल हो सकती है। बांदा शहर में अब मात्र 31,415 वर्ग मीटर नजूल भूमि नजूल अवैध कब्जे से बची हुई है। वह भी इसलिए कि बची-खुची यह जमीन ऊबड़खाबड़ और बंजर है।
जिलाधिकारी कार्यालय में नजूल भूमि का कार्य देख रहे लिपिक विजय कुमार और नगर पालिका परिषद के लिपिक संजीत कुमार ने बताया कि वर्ष 2003 में 243 अवैध कब्जा धारकों को भूमि खाली किए जाने की नोटिस जारी की गई थी। उनसे कहा गया था कि भूमि का फ्रीहोल्ड करा लें लेकिन नोटिसों के बाद भी कब्जे ज्यों का त्यों बरकरार हैं।
उधर, प्रशासन ने भी नोटिस देने के बाद चुप्पी साध ली। शहर के लगभग सभी इलाकों में नजूल भूमि पर अवैध कब्जे हैं। खाईंपार में इनकी तादाद कुछ ज्यादा है। यही हाल अतर्रा में है। वहां 6123 वर्ग मीटर नजूल भूमि है। कुछ एक अनुपयोगी भूमि को छोड़कर लगभग पूरी नजूल भूमि में अवैध कब्जे हैं। इन्हें खाली कराने के लिए नगर पालिका परिषद ने फिलहाल कोई कदम नहीं उठाया है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

अखिलेश यादव का तंज, ...ताकि पकौड़ा तलने को नौकरी के बराबर मानें लोग

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा देश की सोच को अवैज्ञानिक बताना चाहती है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी पुलिस की हैवानियत का चेहरा, पिटाई की वजह से पेट में ही बच्चे की मौत

बांदा जिले की एक महिला ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये है। महिला का कहना है कि उसके पति को गिरफ्तार करने आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से महिला का तीन माह का गर्भ गिर गया।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper