न्यायाधीश को दी जाती है ईश्वर की मान्यता

Banda Updated Sun, 23 Dec 2012 05:30 AM IST
बांदा/बबेरू। न्यायालय में न्यायाधीश की कुर्सी ऊंची होती है। इसमें बैठने वाले न्यायाधीश के ऊपर ईश्वरीय शक्ति का असर आ जाता है। नीचे खड़े लोग न्यायाधीश की मान्यता भी ईश्वर से करते हैं। ऊपरी कुर्सी में बैठे न्यायाधीश की निगाह सभी पर होती है लेकिन न्यायाधीश को सदैव नीचे ही दृष्टि रखनी चाहिए। तभी वह सही न्याय (निर्णय) दे सकेंगे। उपरोक्त उद्गार इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक श्रीवास्तव ने कहीं। वह शनिवार को यहां अपने सम्मान में अधिवक्ता संघ द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने बबेरू में रजत जयंती समारोह में अधिवक्ता संघ नवीन भवन के शिलान्यास किया।
बांदा में जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार श्रीवास्तव ने न्यायमूर्ति अशोक श्रीवास्तव का स्वागत किया। प्रशासनिक न्यायाधीश ने इसके पूर्व वीडियो कान्फ्रेंसिंग रूम, पुस्तकालय और स्वर्गीय भगत सिंह एडवोकेट व स्वर्गीय भीष्मदेव दुबे एडवोकेट की स्मृति में निर्मित किए गए कक्षों के लोकार्पण की रस्म अदा की। समारोह और अन्य कार्यक्रमों का सफल संचालन तथा व्यवस्थाएं विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट रामाधार राम ने की। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजाभइया मिश्र और महासचिव देव कुमार कुशवाहा ने आभार जताया। अधिवक्ताओं में रामदयाल कुरील, रामरतन शर्मा, मनमोहन सिंह ने भी संबोधित किया। शंकर सिंह गौतम, रामस्वरूप सिंह, अशोक दीक्षित इत्यादि सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार न्यायमूर्ति अशोक श्रीवास्तवरजत जयंती समारोह में शनिवार सुबह करीब 11 बजे तहसील प्रांगण पहुंचे। मंत्रोच्चारण के बीच हवन-पूजन कर उन्होंने अधिवक्ता संघ के नवीन भवन का शिलान्यास किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथि जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार श्रीवास्तव और बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामप्रताप वर्मा मौजूद रहे।
इस मौके पर महर्षि कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बार अध्यक्ष रामप्रताप वर्मा ने शाल व स्मृति चिह्न भेंट कर मुख्य अतिथि का सम्मान किया। बार एसोसिएशन की स्मारिका का विमोचन किया। सचिव शिवकुमार सिंह ने अधिवक्ताओं की समस्याओं का मांगपत्र पढ़कर सुनाया। कहा सिविल जज जूनियर डिवीजन का न्यायालय तो खुल गया, पर उनके लिए अभी आवासीय व्यवस्था नहीं है। अध्यक्षता न्यायिक परिवार जूनियर डिवीजन दो के जज आलोक कुमार यादव व संचालन पूर्व अध्यक्ष आनंद सिन्हा ने किया। समापन की घोषणा इल्डर कमेटी चेयरमैन नरेश सिंह यादव ने किया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सांवले प्रसाद आर्य, अधिवक्ता नागवत प्रसाद प्रजापति, महेश तिवारी, केशव गौतम, शिवपूजन, श्याम किशोर गौतम, रामखेलावन प्रजापति, उमाकांत तिवारी, संतोष अनुरागी, लालमन यादव, रणजीत सिंह, रामेश्वर यादव, मैकूलाल प्रजापति, बसंत शिवहरे, रमेश सिंह पवार, समरेंद्र शर्मा, नरोत्तम सिंह यादव आदि मौजूद रहे।

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