जनक विलाप देखे दर्शकों की आंखें छलकीं

Banda Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
खप्टिहा कलां। कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव पर आयोजित रामलीला में दूसरे दिन धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद मंचन हुआ। परशुराम और लक्ष्मण का क्रोध स्वरूप देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। सीता स्वयंबर में राजा जनक के विलाप पर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।सीता स्वयंबर के लिए धनुष यज्ञ लीला हुई। राजा जनक के स्वरूप ने विलाप में ‘वीर विहीन मही मैं जानी, त तजहु आस निज-निज गृह जाहू, लिखा न विधि वैदेहि बिवाहू’ चौपाई कही। इस पर दर्शकों की आंखें भर आईं। महर्षि विश्वामित्र के साथ दरबार में मौजूद श्रीराम के स्वरूप ने पलक झपकते धनुष उठाया और तोड़ दिया। सीता का विवाह संपन्न हुआ। राम-लक्ष्मण के अलावा परशुराम की भूमिका पंडित कमल किशोर शुक्ल (फतेहपुर) और राजा जनक का किरदार अतर्रा डिग्री कालेज प्रोफेसर अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी ने अदा किया।

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी पुलिस की हैवानियत का चेहरा, पिटाई की वजह से पेट में ही बच्चे की मौत

बांदा जिले की एक महिला ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये है। महिला का कहना है कि उसके पति को गिरफ्तार करने आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से महिला का तीन माह का गर्भ गिर गया।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper