‘नदी में विसर्जन के लिए बोर्ड से सहमति लें’

Banda Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
बांदा। प्रवास सोसायटी निदेशक आशीष सागर ने कहा है कि नवरात्र पर दुर्गा प्रतिमा पंडाल आयोजक नगर पालिका और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति प्राप्त करने के बाद ही केन नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन करें। साथ ही शपथ पत्र दें कि उनकी मूर्ति केमिकलयुक्त पदार्थों व अपशिष्ट से नहीं बनी है। आशीष सागर ने जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी का हवाला देकर कहा है कि जल अधिनियम 1974 के तहत औद्योगिक बहिस्राव के निस्तारण के संबंध में राज्य बोर्ड मानकों की पूर्ति न करने या सहमति न लेने और अधिरोपित शर्तों का अनुपालन न करने पर सुसंगत प्रावधानों के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करता है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम 1981 के अंतर्गत उत्प्रवाह निस्तारण/उत्सर्जन के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति प्राप्त की जानी अनिवार्य है। स्थानीय स्तर पर नगर निगम द्वारा प्रदूषण स्तर का अनुश्रवण किया जाना अनिवार्य है। ब्यूरो

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