पूरे जिले में रही कार्तिक पूर्णिमा स्नान की धूम

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 11:24 PM IST
गंगा घाट पर स्नान करने के बाद विवाहिता को सेंदूर लगाती महिला।
गंगा घाट पर स्नान करने के बाद विवाहिता को सेंदूर लगाती महिला। - फोटो : BALLIA
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बलिया। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने सरयू, टोंस, मघई नदी के तटों पर स्नान, पूजा के बाद दान पुण्य किया। नदियों के तटों पर स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से सेवा शिविर लगाए गए थे जिसमें स्नानार्थियों के ठहरने, चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की गई थी।
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बेल्थरारोड में सरयू नदी के विभिन्न तटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान- दान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजन अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान खैराखास, तुर्तीपार, बेल्थरा बाजार, हल्दीरामपुर आदि तटवर्ती क्षेत्रों में मेले जैसा दृश्य रहा। खैराखास में मेले का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने जमकर खरीदारी की और विविध व्यंजनों का लुत्फ उठाया। नदी तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों पर भीड़ लगी रही। नरही में कार्तिक पूर्णिमा पर इलाके के लोगों ने गंगा घाट के विभिन्न घाटों पर स्नान करने के बाद दो जगह मेला का लुत्फ उठाया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बहुत पहले से नरही गांव के बाहर मगई नदी के किनारे पांच दिनों तक चलने वाले इस मेले में स्नान करने के बाद निकट के दर्जनों गांवों के लोग मेले का आनंद उठाया। बड़का खेत पलियाखास गांव के बाहर गंगा के छाड़न के तट पर लगने वाले मेले में स्नान करने के बाद अपने मन पसंद सामान की खरीदारी की। इसके बाद जलेबी का स्वाद चखा। रामगढ़ क्षेत्र के गंगापुर घाट से लेकर अन्य घाटों पर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का स्नान शुरू हो गया। लोगों ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने के साथ ही गंगा का पूजन अर्चन दान पुण्य किया। पचरुखिया घाट पर प्रभाकर सिंह सेवा शिविर गायघाट के तत्वावधान में श्रद्धालुओं को रहने व भोजन की व्यवस्था की गई थी।

बाढ़ के कारण नहीं लगा चटनिया मेला : दयाछपरा। कार्तिक पूर्णिमा पर नवरंगा गंगा घाट पर बाढ़ में कटान के कारण इस साल चटनिया मेला नहीं लगा। परंपरा के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन दयाछपरा नवरंगा गंगा घाट के समीप पीपल वृक्ष, शिव चबूतरा के पास प्रतिवर्ष चटनियां मेला लगता था, जहां गंगा स्नान के बाद माताएं मिट्टी के बर्तन की खरीदारी करती थीं। युवक व युवतियां चाट, छोला, फुचका व जिलेबी का लुत्फ उठाती थीं। इस साल गंगा नदी में आई बाढ़ ने दयाछपरा सिंचाई विभाग के बंधा के पास स्थित मुख्य रास्ते को काट कर खाई बना दिया है, जहां अभी तक पानी लगा हुआ है।
घाट की सफाई और श्रद्धालुओं की सेवा की : रामगढ़। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के बाद मंगलवार दोपहर बाद समाजसेवियों ने गंगापुर गंगा घाट की साफ सफाई की। इस दौरान स्नानानार्थियों के लिए लगाए गए सेवा शिविर के आयोजक ने सपरिवार नाश्ता व भोजन करने के बाद फैले कचरे को चद्दर आदि में इकठ्ठा कर किनारे से दूर ले जाकर जलाया। इस दौरान जिपंस अयोध्या प्रसाद हिंद, सुरेंद्र सिंह, सुप्रिया सिंह, संजय सिंह, सतीश सिंह, अजय सिंह, प्रशांत सिंह, विक्रम, सौरभ, प्रभात सिंह, शुभम सिंह, अश्वनी सिंह, अंकित सिंह, राजकिशोर, राजेश पांडेय, राजेश सिंह, नन्हक सिंह, बलराम सिंह आदि थे।

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