नेताजी को कवियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की

Ballia Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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गड़वार। कसबा स्थित रामलीला मंच पर नेताजी मेमोरियल संस्थान के तत्वावधान में सुबाष चंद्र बोष की जयंती पर कवि सम्मेलन बुधवार को आयोजित किया गया। जिसमें देरशाम तक कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं द्वारा श्रोताआें को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती तारा सिंह ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कवियों को माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। सर्वप्रथम कवि ललन देहाती ने सरस्वती वंदना वीणा वाली वर दे मईया...सुनाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद प्रसिद्ध कवि वशिष्ठ सिंह सिष्ट ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए कहा कि ए अन्ना कईसे भ्रष्टाचार मिटी, जहां इंसानियत सदा के लिए दफन हो चुकल बा सुनाकर वाहवाही लूटी। वहीं रमाशंकर यादव ने दिल्ली में हुए गैंगरेप पर प्रहार करते हुए कहा कि दिल्ली देखो तेरे घर में गैंगरेप होता है सुनाकर श्रोताओं को जागरूक करने का काम किया। कवि सुनील सिंह समाजवादी ने शादी विवाह में हो रहे बप्फर सिस्टम एवं दारूबाजों पर व्यंग करते हुए कहा कि जनती की हाल होई जइती ना बराती, सबके केहू दारू पीके गईल रहुए खाटी सुनाकर श्रोताओं को दारू के विषय में जागरूक किया। राजेंद्र सिंह गवार ने अपने कविता के माध्यम से कहा कि चांद तारे जमी पर उतर आएगे, दूरिया दिलो की पहले मिटाएगे सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाने का काम किया। कवि शशि प्रेमदेव ने कहा कि जंतर-मंतर पर अंशन करने से देश नहीं बनेगा, फकीरों के भूखे मरने से देश नहीं चलेगा सुनाकर श्रोताओं को देश भक्ति से ओत-प्रोत किया। आनंग जी दहेज प्रथा पर प्रहार करते हुए कहा कि लड़का लुक्कड़, आ बाटे पियक्कड़, बपशी के धईले बा, दुलहा दहेज के सुनाकर श्रोताओं को दहेेेेज के प्रति सचेत रहने की राह दिखाई। इसके अलावे गोबरधन भोजपुरी, राज नारायण यादव, धिक्कल जी ने अपने रचनाओं के माध्यम से जलवां बिखेरा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुप्तेश्वर सिंह एवं संचालन राजेद्र सिंह गवार ने किया। इस मौके पर दीन नारायण सिंह, शंभू नाथ पांडेय, गुलाब बागी, शहनवाज खां, मोहन लाल श्रीवास्तव, सरदार अतीकुर्रहमान, धनजी, लोहा राम आदि मौजूद रहे। नेताजी मेमोरियल के संस्थान के संस्थापक बब्बन सिंह ने आए कवियों व श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया।

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