सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को नहीं भेजते सरकारी स्कूल

Ballia Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
सुखपुरा (संवाददाता)। समाज में व्याप्त ऊंचनीच के भेदभाव को शिक्षा के माध्यम से ही मिटाया जा सकता है। बाबा साहब अंबेडकर ने शिक्षा के द्वारा ही अपना स्थान महान लोगों में बनाया। यह विचार सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने करम्मर गांव के अंबेडकर नगर में एमटीओ के शिक्षण संस्थान के उद्घाटन समारोह के दौरान व्यक्त किया।
इस मौके पर उन्होेंने कहा कि आज के समय में सरकारी स्कूलों का जो दर्जा है उससे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कितना गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने वाला है। यही कारण है कि सरकारी पाठशालाओं में पढ़ाने के लिए कोई भी शिक्षक अपने ही बच्चों को नहीं भेजता है। जिससे समाज में सरकारी स्कूलोें की व्यवस्था पर स्वयं ही प्रश्न चिह्न खड़ा होने लगा है। सूबे की सरकार को शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाना होगा। जहां प्राथमिक विद्यालयों बच्चों के प्रवेश के लिए तरस रहे हैं वहीं निजी स्कूलों में लोग शौक से अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेज रहे है। इस मौके मंडल जोनल कोआर्डिनेटर मिठाई लाल भारती, पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान, डा. मदन राम, पतरू राम, सत्येंद्र राम, मनोज यादव, देवेंद्र, वीर बहादुर, शिवजी, शिवनारायण, शिवमंगल, राम नारायण आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता शिवमूरत और संचालन सुरेंद्र निषाद ने किया।

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