सरकारें कारपोरेट घरानों के लिए कर रहीं काम

Ballia Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
बलिया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 111वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जुटे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई लोगों ने कहा कि 1991 के बाद से सत्ता का मिजाज ही बदल गया है। ऐसा लगता है कि सरकारें कारपोरेट घरानों को मुनाफा कमाने और गरीबों को और लूटने के लिए ही अस्तित्व में आ रही हैं। सत्ता के मिजाज में आए बदलाव का मूल कारण आर्थिक उदारवाद है। उक्त बातें पीयूसीएल के प्रांतीय अध्यक्ष चितरंजन सिंह ने कहीं। बुधवार को पीयूसीएल की जिला इकाई द्वारा स्थानीय टाउन हाल के बापू भवन में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया था।
सभा को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मनोहन सिंह पूरे देश को लूटने के लिए एफडीआई द्वारा विदेशी कंपनियों को पूरी छूट दे रहे हैं। एक तरफ केंद्र सरकार पूंजीपतियों को पांच लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है, वहीं दूसरी तरफ देश के आम नागरिकों को एलपीजी, केरोसिन, डीजल और पेट्रोल पर सब्सिडी समाप्त की जा रही है। श्री सिंह ने कहा कि देश में प्राकृतिक संसाधन जल, जमीन, जंगल की पूरी लूट मची है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें किसानों को उपजाऊ कृषि योग्य भूमि को बंजर दिखाकर औद्योगिक घरानों को कौड़ियों के भाव बेच रही है। इतना ही नहीं विरोध करने पर लोगाें को फर्जी मुकदमे में फंसाने के साथ तरह-तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। विचार गोष्ठी का मुख्य विषय राज्यसत्ता का दमन है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति श्री विभूति नारायण राय ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के कार्यक्रम में शिरकत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आज देश में भाषा, धर्म और राज्य यह तीन संस्थाएं मनुष्य को प्रभावित कर रही है। राज्य सत्ता में विरोध की प्रवृत्ति को हमेशा जीवंत रखा जाना चाहिए। इसे कुचलना घातक होता है। गोष्ठी में वाराणसी से पधारे गुड़िया संस्था के अजीत सिंह ने कहा कि जल, जमीन व जंगल के उपर आज मानव तस्करी हो रही है। यह विश्व में दूसरे नंबर का अपराध बन गया है। गुड़िया देह व्यापार में ढकेली गई लड़कियों को उन्हें छुड़ाने तथा उनके पुनर्वास की व्यवस्था करती है। कार्यक्रम में विभूति नारायण राय एवं चितरंजन सिंह को अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिह्न से सम्मानित किया। इसके साथ ही गुड़िया संस्था के अजीत सिंह को लोकनायक सम्मान तथा अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया। गोष्ठी में विषय परिवर्तन पीयूसीएल के जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह ने किया। संचालन अमरनाथ यादव ने किया। श्रद्धांजलि सभा में डा. अखिलेश सिन्हा, सुरेंद्र सिंह, हरिमोहन सिंह, पंकज राय, प्रदीप सिंह, अनिल सिंह, शैलेष घुसिया, दिग्विजय सिंह, अरुण सिंह, गोपाल जी, उदयनारायण सिंह, इम्तियाज अहमद, बबलू सिंह आदि ने सहभागिता की।

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