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फ्लड फाइटिंग के नाम पर हो रहा गोलमाल

Ballia Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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रामगढ़। फ्लड फाइटिंग के नाम पर डेंजर जोन पचरूखिया-मझौंवा पर बोरियों में जमकर गोलमाल का खेल खेला जा रहा है। गंगा अभी रौद्र रूप भी अख्तियार नहीं की, बावजूद इसके बाढ़ विभाग की मेहरबानी पर ठेकेदारों ने स्परों के सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये की बोरियां पानी में बहा दिया। बावजूद स्परों को कटान से नहीं रोका जा सका।
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डेंजर जोन पचरूखिया-मझौंवा पर डेढ़ दशकों से एनएच-31 को बचाने के लिए करोंड़ों रुपए खर्च कर स्परों का निर्माण किया गया। हाल यह रहा कि एकाध बार गंगा की धारा में आए उफान ने विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की कलई खोल दी है। जिसमें स्पर संख्या 17 अब तक नौ बार ध्वस्त हुआ। यही नहीं स्पर संख्या 18, 19, 20 व 21 की हालत ठीक नहीं है। हर साल गंगा जब उफान पर आती है तो विभाग फ्लड फाइटिंग के नाम पर हजारों बोरियों को गंगा की धारा में डालता है, फिर भी स्परों की सुरक्षा भगवान भरोसे बनी रहती है। अब तक डेंजर जोन पर किए गए खर्चों पर गौर किया जाए तो पक्के ठोकर का निर्माण कर एनएच-31 और गांवों को बचाया जा सकता था। ऐसा कहना गंगा के किनारे बसे गांव के लोगों का है। उनका कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान बंधों व सड़कों की सुरक्षा पर होता है। गांवों पर नहीं। यदि सरकार द्वारा बंधे और सड़क पर किए गए खर्च का 25 फीसदी भी गांवों पर खर्च किया जाता तो शायद दर्जनों गांवोें के कटान पीड़ित दर-दर की ठोकर खाने को बाध्य नहीं होते। सूत्रों की मानें तो इस बार अब तक हल्की सी बाढ़ में विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से फ्लड फाइटिंग के नाम पर जमकर बोरियों में गोलमाल किया गया।
बाढ़ व राहत के नाम पर एनएच-31 की मुश्किलों को कम करने के लिए स्पर संख्या 19 से 20 के बीच जीओ बैग विधि से प्लेटफार्म बनाया जा रहा था। जिसमें मानक की अनदेखी देख तत्कालीन जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन भड़क उठे थे और मानक के मुताबिक कार्य करने की कड़ी चेतावनी भी दी थी। बावजूद लोगों की मानें तो जीओ बैग विधि में मानक की अनदेखी की गई है। क्षेत्र के दीना सिंह, सुदामा सिंह, बसंत कुमार सिन्हा, राजेश चौबे, कौशल पांडेय, रामसेवक पांडेय आदि का कहना है कि बाढ़ विभाग अब तक शासन से अवमुक्त धन का मानक के हिसाब से डेंजर जोन पचरूखिया-मझौंवा पर कार्य कराया होता तो शायद इतनी विकट स्थिति सामने नहीं आती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्परों के निर्माण से लेकर मरम्मत में मानकों की अनदेखी की गई है। इस बाबत सहायक अभियंता बुद्धिराम मिश्र का कहना है कि एनएच-31 पर कराए गए कार्य मानक के अनुरूप है। मानक में कहीं विभाग अनदेखी नहीं किया है। लोगों के आरोप मनगढ़त व बेबुनियाद है।

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