बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

कटान को याद कर सहमे तटवर्ती बाशिंदे

Ballia Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
रामगढ़। गंगा कटान पीड़ितों की मुसीबत बरसात के साथ ही बढ़ने लगी है। बारिश के मौसम की शुरूआत के साथ ही रिकनीछपरा, पचरुखिया, दुबेछपरा, श्रीनगर, सहित कटान के जद में आने वाले गांव के लोग पिछले वर्ष गंगा के रौद्र रूप को याद कर सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की सक्रियता की जो स्थिति है उसके हिसाब से कभी भी गंगा कहर बन टूट सकती है।
विज्ञापन

गंगा नदी का जलस्तर एक सप्ताह से धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा किनारे बसे लोगों की धड़कनें भी बढ़ रही हैं। यहां के निवासी मान चुके हैं कि गंगा में आने वाली बाढ़ घरों को अपने धाराओं में समा लेगी। तभी तो बाढ़ आने से पहले ही बैरिया तहसील के शाहपुर के बांशिंदे अपने घरों को उजाड़ सुरक्षित जगह जाने के जुगत जुट गए हैं। अब यदि उनका कुछ बच सकता है तो वह होगी उनकी अतीत से जुड़ी यादें। पिछले महीने बाढ़ कटान क्षेत्र का दौड़ा करने आए लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कटान से निपटने के लिए एक महीने पहले ही जून के अंत तक कटान रोधी सभी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। लेकिन विभागीय लापरवाही के सामने मंत्री का फरमान भी बौना साबित हुआ और कटान रोधी कार्य 60 फीसदी ही हो सका। डेंजर जोन पचरूखिया-मझौंवा पर 13 साल में 13 स्पर बने थे। जिसमें स्पर संख्या 17, 18, 19 व 20 कई बार गंगा की लहरों में क्षतिग्रस्त हुआ। लेकिन आज तक विभाग उसका मरम्मत कराने का जहमत नहीं उठाया। और नहीं तो इन क्षतिग्रस्त नोजों के बीच स्पर बोरियों से भरा प्लेटफार्म बनाया कि वह धारा की बैकरोलिंग को रोकेगा। लेकिन लोगों का कहना है कि जब नोज अपनी ही सुरक्षा नहीं कर पाएंगे तो बोरियों से भरकर प्लेट फार्म का हस्र क्या होगा? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के मुताबिक गंगा का जलस्तर 50.56 मीटर पर स्थित बना हुआ है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us