वादों के बाद भी रेवती में नहीं रुकी रेल

Ballia Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
रेवती। मीटर गेज से ब्राड गेज (छपरा-वाराणसी रेल लाइन) के बनने के बाद ब्लाक मुख्यालय रेवती में रेल ठहराव के लिए समय-समय पर जन आंदोलन के माध्यम से छपरा वाराणसी ब्रांच लाइन पर रेल चक्का जाम करना पड़ा। इस क्रम में 1904-05 में चौदह घंटे तथा इसके पूर्व चार घंटे रेलों का परिचालन स्थानीय लोगों द्वारा ठप करने को बाध्य किया गया। अब तक छह दर्जन से अधिक पत्रक एवं दर्जनों बार रेल ठहराव संघर्ष समिति के डेलीगेटस विभाग के आला अधिकारियों एवं सांसदों से मिलकर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का रोना रोया। करीब डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं हो सका। रेल ठहराव के लिए रेल संघर्ष समिति आंदोलन के मूड में है।
विज्ञापन

सहतवार तथा सुरेमनपुर के बीच घाघरा तक तथा दक्षिण पचरुखिया घाट तक दर्जनों गांव हैं। यह स्टेशन छपरा बलिया के करीब मध्य का ठहराव है। शीर्ष जगहों पर कार्यरत चिकित्सक, इंजीनियर, अधिकारी वायुयान मार्ग से चंद घंटों में वाराणसी, पटना एवं लखनऊ तो पहुंच जाते ह्रै लेकिन रेवती आने में उन्हें घंटों लगते हैं। रेल ठहराव संघर्ष समिति के संयोजक लक्ष्मण पांडेय का कहना है कि बार-बार रेल आंदोलनों के दौरान आला अधिकारियों द्वारा आश्वासन तो दिया गया कि जनहित में सारनाथ, सियाल्दह एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डा. भोला पांडेय, सांसद नीरज शेखर एवं रमाशंकर विद्यार्थी से भी मिले। श्री पांडेय ने चेताया है कि इस बार का आंदोलन महा आंदोलन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us