डीजीपी को पत्र भेज लगाई गुहार

Ballia Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
बलिया। गाजीपुर जिले के करीमुददीनपुर थाना क्षेत्र के ताजुपर डेहमा निवासी शकील अहमद ने डीजीपी लखनऊ को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि उसके पुत्र की हत्या सन 2009 में इंटर की परीक्षा देते समय भीमपुरा थाना क्षेत्र के बलेसरा में कर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने हत्या का मामला न मानते पीड़ित को काफी दौड़ाया। पीड़ित पिता की तहरीर पर सीजेएम बलिया ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। जिसके बाद पुलिस के विवेचनाधिकारी ने फाइनल रिपोर्ट में प्रेषित कर दी। जिसके खिलाफ पीड़ित के आपत्ति जताने पर पुन: विवेचना कराया गया। लेकिन तीन चार बार थाने पर तैनात विवेचकोें ने कोर्ट के आदेशों को ताख पर रखते हुए अपनी अंतिम आख्या कोर्ट को भेजते रहे। अंतत: कोर्ट ने तंग आकर उक्त प्रकरण में पीड़ित के प्रोटेस्ट पर सुनवाई करते हुए परिवाद के रुप में दर्ज करते हुए सभी गवाहों को परीक्षित करने के बाद आरोपितों को कोर्ट में धारा 302 भादवि के तहत तलब कर लिया। लेकिन गलत विवेचना करने वाले विवेचकों के खिलाफ कोई कार्रवाई तक विभाग ने नहीं किया। लिहाजा आज तक पीड़ित गृह मंत्रालय से लेकर पुलिस के आला अफसरों से गुहार लगाता रहा। इस मामले पिछले दिनों एक पत्र सीओ मुहम्मदाबाद ने भेजकर कहा कि इस घटना का संबंध भीमपुरा थाना क्षेत्र से है। जिसे बलिया क्षेत्राधिकार में होने के नाते मुझ द्वारा नहीं किया जाना समीचीन नहीं होगा। इस पत्र के बाद पीड़ित शकील अहमद ने गाजीपुर पुलिस अधीक्षक को प्रकरण की जांच कराने की गुहार लगाई है।

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