विज्ञापन

हिल्सा, मांगुर, सिंहिल, गोडर दो दशक से गायब

Ballia Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
नरहीं। मोक्षदायिनी गंगा को बचाने की जो मुहिम साधु-संतों ने चलाया है, वह वास्तव में स्वागत योग्य है,यह कटु सत्य है कि गंगा का जल अमृत के समान नहीं रहा। सरकार ने डाल्फिन मछली को राष्ट्रीय जलीय जीव भले ही घोषित कर दिया हो,लेकिन उसकी सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। आलम यह है कि कई प्रजातियां तो दो दशकों से गंगा में दिखाई ही नहीं दे रही हैं। मछुआरों की मानें तो यदि मत्स्य विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो गंगा नदी से कई प्रजातियां विलुप्त हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा को राष्ट्रीय नदी व डाल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित करने के बाद एक बार लगा कि गंगा में गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही मछलियों की लुप्त हो रही विभिन्न प्रजातियां फिर से दिखने लगेंगी। लेंकिन गंगा में पाई जाने हिल्सा मांगुर, सिंहिल, गोडर (बड़ा झिंगा) प्रजाति की मछलियां करीब दो दशक से गायब हैं। इन मछलियों की बात तो दिगर है राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित डाल्फिन की संख्या भी तेजी से घटती जा रही है। ऐसा होना गंगा नदी के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। खमीरपुर डीह निवासी रूदल प्रसाद, भागीरथी बिंद, दयानंद मछुआ कई दशकों से गंगा घाटों से मछली खरीदकर शहरों में बेचने का काम करते हैं। मछली के कारोबारियों ने बताया कि दो दशक पूर्व गंगा नदी में हिल्सा, मांगुर सिंहिल, गोडर, प्रजाति की मछलियां मिलती थी। अब यह मछलियां गंगा नदी में नहीं मिलती हैं। इनका दावा है कि 20 वर्षों से यह मछलियां किसी के जाल में नहीं फंसी न ही मछली बाजार में दिख रही हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि यह मछलियां विलुप्त हो गई। यह मत्स्य विभाग और सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है। गंगा नदी में तेजी से मछलियों की उक्त प्रजातियों में कमी आ रही है। देशी प्रजाति की मछलियां कम मिल रही है। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश से आने वाली केमिकल युक्त मछलियां शहरों व बाजारों में देशी मछलियाें की कमी को पूरा कर रही हैं। मछुआरों ने मत्स्य विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए गंगा में लुप्त हो रही मछलियों की सुरक्षा की मांग की है। उधर इस संबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि गंगा नदी में घटते जल स्तर से मछलियों को बच्चा जनने की क्षमता कम हो रही है। साथ ही गंगा में पाई जा रही विदेशी मछलियां हिल्सा, मांगुर सिंहिल, गोडर आदि मछलियों की प्रजाति के अंड़ों व बच्चों को खा जाती है। जिससे इन प्रजाति के मछलियां विलुप्त हो रही हैं। यदि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाए और विदेशी मछलियों को गंगा नदी से बाहर कर दिया जाए तो देशी मछलियों में अच्छी वृद्धि हो सकती है।

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Varanasi

यूपी : घर में घुस कर युवकों ने किशोरी संग की छेड़खानी, मारपीट में छह लोग घायल

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में किशोरी के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है....

23 मार्च 2019

विज्ञापन

फतेहपुर में एक दिन का पीएम बनने पर लोग सबसे पहले करेंगे ये काम

अमर उजाला का चुनावी रथ फतेहपुर पहुंचा। यहां पर लोगों ने एक दिन के पीएम बनने पर कहा रोजगार और गरीबी मिटाने पर करेंगे काम।

23 मार्च 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election