बाढ़ से बचाव का कार्य अभी तक नहीं हुआ शुरू

Ballia Updated Fri, 01 Jun 2012 12:00 PM IST
रेवती। विध्वंस का पर्याय बनी घाघरा के बाढ़ से बचाव के उद्देश्य से बनी टीएस बंधा स्थानीय दियरांचल में घाघरा नदी के कटानी निशाने पर है। बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के लिए अति संवेदनशील बने तीलापुर के पास तीन परियोजनाओं के लिए साढ़े चौदह करोड़ रुपये की स्वीकृति दो माह पूर्व मिलने के बाद भी अब तक बचाव कार्य की शुरूआत तक नहीं की जा सकी है। बंधा के टूटने की खतरे को लेकर बंधा के दक्षिणवर्ती लोगों में दहशत की स्थिति है।
1959 के पूर्व घाघरा में जल दबाव बढ़ने पर पूरे क्षेत्र में बाढ़ का आना आम समस्या थी। बाढ़ से हर वर्ष जहां करोड़ों का नुकसान होता था, वहीं लाखों लोगों को हफ्तों पानी में गुजरकर समस्याएं झेलनी पड़ती थी। 1959 में तूर्तीपार-श्रीनगर (टीएस बंधा) का निर्माण तत्कालीन सिंचाई मंत्री कमलापति त्रिपाठी के कार्यकाल में हुआ। तब घाघरा वर्तमान बहाव स्थल से करीब साढ़े पांच किमी उत्तर गयासपुर-सिसवन घाट के पास बहा करती थी। धीरे-धीरे दियरा भागड़ के पूरब से नदी दक्षिणमुखी होने लगी। नतीजा रहा कि नदी के कटानी तेवर ने बीते चार दशकों में जहां डेढ़ दर्जन गांव नदी की पेटे में समा गए वहीं नदी की इस विध्वंसक यात्रा में हजारों एकड़ भूमि, सैकड़ों बाग, कई देवालय तथा दर्जनों सरकारी इमारतें नदी की भेंट चढ़ गईं। इस बीच 1971 में चांदपुर के पास नदी ने टीएस बंधे को तोड़ दिया। 1990 में भोज छपरा के पास पुन: एक बार टीएस बंधा टूटा। 2008 में 69.300 से 70 किमी के बीच नदी ने पुन: टीएस बंधे को तोड़ दिया। इस बार बाढ़ विभाग के अधिकारियों की तत्परता के कारण बंधे के बगल में जेसीबी मशीनों से मिट्टी डालकर सात सौ मीटर का सपोर्टिंग बंधा तैयार करने में कामयाबी प्राप्त कर ली गई। इसके चलते क्षेत्र को बाढ़ का मुंह नहीं देखना पड़ा। पुन: 2011 में 70 किमी के पास घाघरा ने बंधे का आधा हिस्सा अपने पेटे में समेट लिया। तब पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया था। 2008 से लेकर तीलापुर के ईर्द-गिर्द टीएस बंधे को निशाने पर लेने की ताक में घाघरा पड़ी हुई है। वर्तमान बरसाती सत्र बाढ़ तथा सिंचाई विभाग के लिए इसलिए चुनौतीपूर्ण है कि अब तक किसी प्रकार का बचाव कार्य बंधे पर नहीं किया जा सकता है।

Spotlight

Most Read

Shimla

कांग्रेस के ये तीन नेता अब नहीं लड़ेंगे चुनाव, चुनावी राजनीति से लिया संन्यास

पूर्व मंत्री एवं सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी और धर्मवीर धामी ने चुनाव लड़ने की सियासत को बाय-बाय कर दिया है।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल, कहा देश में बेहद कम मुसलमान देशभक्त

सत्ता सुख मिलने के बाद यूपी बीजेपी का कोई न कोई नेता लगातार विवादित बयान दे रहा है। अब बलिया से बीजेपी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि देश के ज्यादातर मुसलमान देशभक्त नहीं है। वो खाते भारत का हैं, और चिंता पाकिस्तान की करते हैं।

15 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper