विज्ञापन

करोड़ों खर्च के बावजूद पानी की किल्लत

Ballia Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बलिया। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के विभिन्न विकास खंडों में जलस्तर नीचे खिसकने लगे हैं। करोड़ों खर्च के बाद भी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग के अनुरुप पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोग परेशान हैं। अगर यही दशा रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए लोगों को आने वाले दिनों में जूझना पड़ सकता है।
विज्ञापन
नगर पालिकाओं और नगरपंचायतों की की कुल आबादी तीन लाख 40 हजार 904 है। जबकि 17 विकास खंडों की आबादी 24 लाख 91 हजार 676 शासन स्तर पर उल्लिखित है। बलिया नगर क्षेत्र को छोड़ दें तो अधिकांश अन्य नगर पंचायतों में मांग के सापेक्ष जलापूर्ति की व्यवस्था आजतक सुनिश्चित नहीं कराई गई। लिहाजा भीषण गर्मी में लोग पीने की पानी के लिए बिलबिलाते नजर आ रहे हैं। हैंडपंपों को लगाए जाने में प्रशासन की उदासीनता के चलते उन क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा कठिनाई हो रही जहां हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है। लोगों को पेयजल की सुविधा के लिए 63 किमी पाइप लाइन बिछाई गई है। जिसमें 23 नलकूपों में से 20 नलकूप विभागीय आंकड़ों के मुताबिक संचालित हैं। जबकि तीन नलकूप उदासीनता की वजह से बंद पड़ी हुई हैं। नगर में जलापूर्ति की मांग 20.02 एमएलडी है जबकि आपूर्ति के लिए 22.68 एमएलडी तक प्रक्रिया पूरी की गई है। वहीं, चितबड़ागांव नगर क्षेत्र में 4.03 के सापेक्ष 2.16 ही आपूर्ति दी जा रही है। इस तरह मांग के सापेक्ष 1.87 एमएलडी आपूर्ति कम दी जा रही है। सहतवार नगर पंचायत में कुल जलापूर्ति की डिमांड 3.77 एमएलडी है जिसके सापेक्ष 2.16 एमएलडी उपलब्धता है। उसी तरह रसड़ा नगर पालिका क्षेत्र में कुल मांग 5.81 है। जिसके सापेक्ष 3.24 एमएलडी उपलब्धता है। बांसडीह नगर पंचायत में 3.41 मांग की सापेक्षता के अनुसार 2.16 ही उपलब्धता है। वहीं, रेवती नगर पंचायत में 4.39 एमएलडी मांग के सापेक्ष 2.16 उपलब्धता है। मनियर में 3.74 मांग के सापेक्ष 1.08 एमएलडी जलापूर्ति की जाती है। सिकंदरपुर नगर पंचायत में 4.33 एमएलडी के सापेक्ष 2.16 एमएलडी व बिल्थरारोड नगर पंचायत में 3.43 के सापेक्ष 1.08 एमएलडी जलापूर्ति की जाती है।
इनसेट...
जनता की मांग पर होती है जांच
बलिया। जिले में शुद्ध पानी की आपूर्ति एवं इस दिशा में उसकी शुद्धता पर जांच आदि के लिए कभी खुद के स्तर पर विभाग की ओर से प्रयास नहीं किया जाता और न ही इसके लिए कोई निर्धारित समयावधि है। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन-शिकायतों के आधार पर ही पेयजल की शुद्धता आदि की जांच की जाती है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Ballia

सांसद ने इंटरसिटी को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

सांसद ने इंटरसिटी को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

फिर योगी सरकार के खिलाफ बोले मंत्री ओम प्रकाश राजभर, कह दी ये बड़ी बात

योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावती बयान दिया है।

14 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree