छह फेरों के बाद रुकवाई बेटी की शादी

Bahraich Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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बहराइच। छह फेरे हुए थे कि कन्या पक्ष के लोगों ने लड़की को सातवां फेरा लेने से रोक दिया। शनिवार रात ये वाक्या कोतवाली देहात के भयापुरवा गांव में हुआ, जब बिरादरी एक न होने के चलते आधी-अधूरी रस्मों के बीच दो बहनों की शादी रुकवा दी गई। दूसरी बेटी का भी जयमाल हो चुका था। सुबह होते ही दूल्हा-दुल्हन समेत दोनों पक्ष के लोग कोतवाली पहुंच गए। रात तक न तो दोनों पक्षों में समझौता हुआ था न ही किसी ने केस दर्ज कराया था। वर पक्ष बारात का खर्चा मांगने पर अड़े हैं।
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शहर के मोहल्ला घसियारीपुरा निवासी केवट बिरादरी के मुटरू के बेटे संजय और महादेव के पुत्र राजेंद्र का विवाह कोतवाली देहात अंतर्गत भयापुरवा शेखदहीर निवासी गोड़िया बिरादारी के मैकूलाल की पुत्री संजना और रेनू से तय हुआ था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार शाम को संजय और राजेंद्र की बारात भयापुरवा गांव पहुंची। जनवासे में दोनों बारातों का स्वागत सत्कार हुआ। रात 11 बजे के आसपास द्वारपूजा की रस्म पूरी हुई फिर राजेंद्र और रेनू का जयमाल संपन्न हुआ और दोनों मंडप में पहुंच गए। इसके बाद संजय व संजना का जयमाल भी आशीर्वाद के बीच पूरा हुआ। इधर मंडप में बैठे राजेंद्र व रेनू शादी की रस्मों की अदायगी कर रहे थे। दोनों ने जैसे ही अग्निकुंड के छह फेरे लिए तभी अचानक वधू पक्ष ने बेटी को सातवां फेरा लेने से रोक दिया।
मैकू ने कहा कि विवाह तय होेने के दौरान महादेव और मुटरू ने अपनेे को गोड़िया बिरादरी का बताया था लेकिन अब दोनों केेवट बिरादरी होने की बात कह रहे हैं। इसलिए वह अपनी बेटियों की शादी इन घरों में नहीं होने देगा। युवतियों के पिता के इस ऐलान से अफरातफरी मच गई। बारातियों ने मैकू को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। आरोप-प्रत्यारोप के बीच रात बीती। सुबह वर व वधू पक्ष के लोग दूल्हा-दुल्हन के साथ कोतवाली पहुंच गए। पुलिस ने भी मैकू को समझाने का प्रयास किया लेकिन मैकू अड़ा रहा।
वर पक्ष के लोग बारात ले जाने और शादी की तैयारी में खर्च का पूरा पैसा मांग रहे हैं। घसियारीपुरा मोहल्ले केे सभासद अजय सिंह को भी बुलाया गया। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में समझौता नहीं हो सका था।
दिखाया था जाति प्रमाणपत्र ः वर पक्ष
वधू पक्ष द्वारा बिरादरी का हवाला देकर विवाह करने से इंकार करनेे का मामला किसी के गले नहीं उतर रहा है। वर पक्ष के महादेव और मुटरू का कहना है कि साल भर से विवाह की बातचीत चल रही थी। महादेव का कहना है कि उन्होंने मैकू को जाति प्रमाणपत्र दिखाया था। निषाद समुदाय में ही केवट और गोड़िया बिरादरी होने की बात कहकर मैकू राजी हो गए थे। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच आना-जाना था। ऐसे में बारात बुला कर जिस तरह से अपमानित किया गया है, वह उचित नहीं।
पत्नी के कहने पर किया शादी से इन्कार
कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक रामजी चौधरी ने जब मैकू से बेटियों की शादी न करने का कारण पूछा तो मैकू ने कहा कि संजना और रेनू की मां ने केवट बिरादारी के युवकों से शादी न करने का निर्णय लिया है। वह पत्नी के निर्णय केे विरुद्ध नहीं जा सकता।
समझौता न हुआ तो वधू पक्ष के खिलाफ होगा केस
कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वर वधू पक्ष के लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। चूंकि वधू पक्ष ने शादी करनेे से इंकार किया है, ऐसे में वर पक्ष का जो भी खर्चा लगा है, उसे वधू पक्ष को देना चाहिए। इसी मामले को लेकर बातचीत हो रही है। अगर निष्कर्ष न निकला तो वधू पक्ष के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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