मिल में डंप मिला 64.5 टन विस्फोटक

Bahraich Updated Thu, 21 Nov 2013 05:41 AM IST
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जरवलरोड (बहराइच)। इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) चीनी मिल जरवलरोेड में मंगलवार शाम उपजिलाधिकारी कैसरगंज ने पुलिस बल के साथ छापा मारा। इस दौरान मिल के दो गोदामों में 64.5 टन सल्फर (विस्फोटक) डंप मिला। उपजिलाधिकारी ने विस्फोटक डंप करने के कागजात मांगे तो मिल प्रशासन दिखा नहीं सका। इस पर देर शाम पहुंचे सीआरओ और जिला गन्ना अधिकारी की मौजूदगी में विस्फोटक सल्फर का छह बोरी नमूना लेकर दोनों गोदामों को सीज कर दिया गया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। मिल प्रशासन का कहना है कि सल्फर चीनी को साफ करने के काम में आता है लेकिन सल्फर के कागजात के मुद्दे पर अधिकारी चुप्पी साध गए। एसडीएम को तहरीर पर मिल के जीएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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जरवलरोड स्थित आईपीएल चीनी मिल में 64.5 टन सल्फर दो गोदामों में डंप मिला है। मालूम हो कि भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी चंद्रभान सिंह ने माह भर पूर्व भारत सरकार के गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा था कि जरवलरोड चीनी मिल में बिना लाइसेंस के कई टन सल्फर की खरीद की गई है, जो डंप है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह पत्र उच्चाधिकारियोें के पटल से होता हुआ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। इस पर डीएम किंजल सिंह ने उपजिलाधिकारी कैसरगंज आलोक वर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी के तहत मंगलवार शाम एसडीएम ने प्रभारी निरीक्षक कपिलमुनि सिंह के साथ छापा मारा। यहां एक गोदाम में 29.5 टन व दूसरे गोदाम में 35 टन सल्फर डंप मिला।
एसडीएम ने मौके पर मौजूद चीनी मिल के एचओडी इंजीनियर वीके दीक्षित, एचओडी एकाउंट सेक्शन आरके जायसवाल और निर्माण विभाग के अधिकारी आरएमएस गौड़ से डंप सल्फर के कागजात मांगे तो तीनाें अधिकारियाें ने जीएम से संपर्क साधा लेकिन अधिकारी सल्फर खरीद का लाइसेंस नहीं दिखा सके। बिना लाइसेंस के सल्फर डंप होने की सूचना पर देर शाम सीआरओ एन. लाल, जिला गन्ना अधिकारी रामकिशुन भी मिल पर पहुंचे। इस पर दोनों गोदामों से तीन-तीन बोरियां सल्फर नमूने के तौर पर लिए गए और गोदाम सीज कर दिया गया। नमूने की छह बोरियाें को भी चीनी मिल के अधिकारियाें की मौजूदगी में सीलबंद किया गया।
एसडीएम ने मिल के जीएम को नामजद करते हुए थाने पर तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक कपिलमुनि सिंह ने बताया कि जीएम के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।
लाइसेंस के लिए दो साल से लिख रहे पत्र ः एजीएम
चीनी मिल जरवलरोड के सहायक महाप्रबंधक सुबोध जैन ने बताया कि वह दो वर्ष से सल्फर के लाइसेंस के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिख रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन लाइसेंस देने में अड़ंगेबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सल्फर का उपयोग मिल में विस्फोटक बनाने में नहीं होता, बल्कि इससे चीनी की सफाई की जाती है। उन्होंने कहा कि अब लाइसेंस न मिलने तक मिल किसी भी हालत में संचालित नहीं होगी।
गुजरात के कंदला से आया था सल्फर
बरामद हुई सल्फर की खेप तीन माह पूर्व गुजरात के कंदला रिफाइनरी से मंगाई गई थी। इसकी पुष्टि जीएम सुबोध जैन ने की। उन्हाेंने कहा कि अगर वह जानते कि इस पचड़े में फंस जाते हैं तो इसे मंगाते ही नहीं।
रसायन से क्रिया कर बनाया जाता है एक्सप्लोसिव
सरस्वती इंटर कॉलेज के विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वनारायण अवस्थी ने बताया कि सल्फर सीधा विस्फोटक नहीं है लेकिन अगर कहीं अधिक मात्रा में इकट्ठा है तो आग लगने पर धमाका हो सकता है। उन्होंने बताया कि 75 प्रतिशत सल्फर और 12 प्रतिशत कार्बन का यौगिक मिश्रण करके गन पाउडर तैयार किया जाता है। इसके अलावा विभिन्न रसायनों से सल्फर की क्रिया कराकर ट्राई नाइट्रो टाइल्यून और टिट्रिक एलीन टाइल्यून घातक विस्फोटक भी तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा सल्फर का उपयोग दवाओं के बनाने में भी किया जाता है।
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