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‘अवैध’ शब्द पर भड़के बर्खास्त शिक्षक

Bahraich Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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बहराइच। बेसिक शिक्षा विभाग ने न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को जिले के प्राथमिक विद्यालयों से बर्खास्त हुए 263 शिक्षकों को कार्यावधि के वेतन के चेक दिए। विभाग की ओर से निकाली गई विज्ञप्ति में अवैध नियुक्ति लिखने के विरोध में बर्खास्त शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सभी का कहना था कि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद हुई थी। ऐसे में विभाग उसे अवैध करार नहीं दे सकता है। चेक लेने के बाद सभी ने बर्खास्त शिक्षकों को तत्काल बहाल करने की भी मांग की।
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वर्ष 2003 में जिले के प्राथमिक विद्यालयों में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ और सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद 263 शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर अप्रशिक्षित वेतनमान में नियुक्त किया गया था लेकिन साढ़े तीन महीने काम लेने के बाद सभी को बिना कारण बताए विभाग ने बर्खास्त कर दिया था। इस पर शिक्षकों ने हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ की शरण ली थी। एकल और डबल बेंच में फैसला शिक्षकों के हक में हुआ था लेकिन विभाग मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट चला गया था। सुप्रीमकोर्ट ने भी वर्ष 2012 में हाईकोर्ट के फैसले का अनुकरण करने का निर्देश दिया था लेकिन विभाग ने कार्रवाई नहीं की। इस पर शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना वाद दायर किया था। अवमानना वाद पर सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा निदेशक और सचिव को न्यायालय में कई बार तलब होना पड़ा। इसके बाद बेसिक शिक्षा सचिव ने पांच फरवरी को बर्खास्त शिक्षकों को कार्यावधि का वेतन देने का आदेश दिया था लेकिन इस मामले में बीएसए द्वारा सात फरवरी को जो विज्ञप्ति प्रकाशित की गई, उसमें अवैध नियुक्ति शब्द लिखा हुआ था। विज्ञप्ति के तहत आठ फरवरी को सुबह सभी बर्खास्त शिक्षक कार्यावधि का वेतन लेने बीएसए कार्यालय पहुंचे लेकिन चेक लेने से पहले सभी शिक्षकों ने अवैध नियुक्ति शब्द का विरोध करते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद समिति के सम्मुख उपस्थित होकर कार्यावधि के वेतन का चेक लिया। शिक्षक नेता निरंकार पाठक व ओमप्रकाश शुक्ला ने कहा कि अभी भी विभाग की हठधर्मिता बरकरार है लेकिन जब तक बहाली नहीं होगी, संघर्ष जारी रहेगा।

202 शिक्षकों ने लिया चेक
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हिफजुर्रहमान ने बताया कि 263 शिक्षकों में सात शिक्षक पहले ही विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से समायोजित हो चुके हैं। ऐसे में सिर्फ 256 बर्खास्त शिक्षकों को चेक दिया जाना था लेकिन शुक्रवार को सिर्फ 202 बर्खास्त शिक्षक ही चेक लेने आए। उन्होंने कहा कि 54 शिक्षक बचे हैं, वह सोमवार को कार्यालय में समिति के सामने हाजिर होकर चेक ले सकते हैं। समायोजित हुए सात शिक्षकों को चेक न दिए जाने से आक्रोश भी दिखा।
अंगूठा लगाने से किया इंकार
चेक वितरण के दौरान बेसिक शिक्षा कार्यालय में रिसीविंग पंजिका में बर्खास्त शिक्षकों से हस्ताक्षर के साथ ही अंगूठा भी लगवाया जा रहा था। इसका कई शिक्षकों ने विरोध किया। इसके बाद अंगूठा लगवाने की प्रक्रिया बंद की गई।
12 को पुन: तलब हैं सचिव, निदेशक
बर्खास्त शिक्षकों के मामले में दायर अवमानना वाद में 12 फरवरी को बेसिक शिक्षा सचिव और निदेशक पुन: उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में तलब हैं। इसी के चलते आननफानन बर्खास्त शिक्षकों को कार्यावधि का वेतन देकर विभाग ने किनारा कसने का प्रयास किया है।

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