128 बेटियों के हक पर लगा दिया था लाल निशान

Bahraich Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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बहराइच। जिले में बेटियों के हक पर कैसे डाका डाला गया, इसका खुलासा जांच में हुआ। निरस्त 678 आवेदन पत्रों में 128 बेटियों के आवेदन पत्र पूरी तरह से सही पाए गए हैं, जबकि 461 आवेदन पत्रों में आय व निवास प्रमाण पत्र का अभाव है। इस मामले में एक और लिपिक की संलिप्तता उजागर हुई है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व दो लिपिक के खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट कोतवाली नगर में दर्ज कराई है। आवेदन पत्रों की जांच का कार्य पूरा हो गया है, रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है।
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हमारी बेटी उसका कल, योजना का सच जानने को सोमवार को डीएम ने छापेमारी की थी। काफी गड़बड़ियां मिलने पर मुख्य राजस्व अधिकारी एनलाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की थी। मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि कुल 3155 आवेदन पत्र आए थे। इनमें से 2477 आवेदन पत्रों को स्वीकृत किया गया था। 678 आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए थे। इन निरस्त आवेदन पत्रों में 461 आवेदन पत्र ऐसे मिले हैं, जिनमें किसी में आय तो किसी में निवास प्रमाण पत्र का अभाव है। जबकि 128 आवेदन पत्र पूरी तरह सही थे लेकिन इनमें इंटरनेट से सत्यापित नहीं का नोटिस लगाकर अपात्र आवेदन पत्रों के साथ रख दिया गया। उन्होंने कहा कि 89 फार्म मदरसों से संबंधित हैं। इन फार्मों को जांच के लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पास भेजा गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में एक अन्य लिपिक नबूर अहमद खां की भी संलिप्तता उजागर हुई है। नबूर के साथ ही लिपिक रफीक और पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एएन पांडेय के खिलाफ कोतवाली नगर में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अनुपमा मौर्य ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

नहीं बना था रजिस्टर
मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान एक और बड़ी खामी सामने आई है। उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित जो भी आवेदन पत्र आए हैं, उनकी रिसीविंग का कोई भी रजिस्टर नहीं बना हुआ है, जबकि योजना के तहत पहले आओ, पहले पाओ का नियम था।
29 अगस्त को जारी हुई थी विज्ञप्ति
मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि हमारी बेटी उसका कल योजना के लिए 29 अगस्त 2012 को विज्ञप्ति जारी हुई थी। उसके बाद ही बालिकाओं ने आवेदन करना शुरू किया था। अक्टूबर में तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एएन पांडेय के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।

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