अस्पताल में ताला, प्रसूता की मौत

Bahraich Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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राजीचौराहा (बहराइच)। डॉक्टरों की हीलाहवाली के कारण गुरुवार देर रात फत्तेपुरवा निवासी एक महिला की जान चली गई। उसे प्रसव पीड़ा होने पर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां चिकित्सक के न मिलने पर घर पर ही उसका प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, नवजात स्वस्थ है। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। आलम यह है कि रात में स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टर नदारद हो जाते हैं, जिसके चलते मरीजों की जान पर बन आती है। महसी तहसील की ग्राम फत्तेपुरवा हरदी निवासी कमलेश कुमार की पत्नी विमला (32) को गुरुवार रात 10 बजे के आसपास प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन विमला को ठेलिया पर लादकर हरदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन यहां ताला लगा हुआ था। न डॉक्टर मिले न ही चिकित्साकर्मी। परिजन दो घंटे तक डॉक्टर की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। थक हारकर विमला को लेकर परिजन वापस घर पहुंचे। यहां गांव निवासी एक महिला को बुलाकर किसी प्रकार रात 12 बजे के आसपास प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद विमला की हालत काफी बिगड़ गई। आधे घंटे बाद इलाज के अभाव में विमला ने दम तोड़ दिया।

नवजात तो स्वस्थ है लेकिन मां के लिए बिलख रहा है। घर में भी कोहराम मचा है। कमलेश ने शुक्रवार की सुबह मुख्य चिकित्साधिकारी को फोन कर मामले की शिकायत की है।
पांच बच्चों के सिर से उठा ममता का साया
विमला के पहले से तीन पुत्र और एक पुत्री है। बड़ा बेटा मुकेश 12 साल का है। अंकित (10), संदीप (5), रीना दो वर्ष की है और अब एक नवजात। विमला की मौत से सभी के सिर से ममता की छांव खत्म हो गई है। मां की मौत से नवजात का तो रो-रो कर बुरा हाल है ही, अन्य बच्चे भी गमजदा हैं।
क्षेत्रीय उप मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपी जांच
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत वर्मा का कहना है कि प्रसव पीड़िता के मौत की सूचना मिली है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदी पर अगर चिकित्सक या चिकित्साकर्मी नहीं थे तो महिला को सीएचसी महसी ले जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस मामले में महसी के उप मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच सौंपी गई है। जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्र बंद होने से पहले भी हुई नवजात की मौत
हरदी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर या चिकित्साकर्मी के न रहने से तालाबंदी आम बात है। तीन माह पूर्व नवरंगपुरवा गांव निवासी मोलहे की पत्नी उर्मिला को प्रसव पीड़ा के दौरान हरदी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था लेकिन केंद्र पर ताला लटक रहा था। पूरी रात पति पत्नी को ठेलिया पर लादकर भटका था। घर पर प्रसव के दौरान उर्मिला की तो जान बच गई थी लेकिन नवजात ने दम तोड़ दिया था।

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