डॉक्टर वीआईपी ड्यूटी में, मरीज ने गंवाई जान

Bahraich Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
बहराइच। जिला अस्पताल के अधिकतर डॉक्टरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी थी। रविवार रात से ही डॉक्टरों ने अपनी ड्यूटी संभाल ली थी जिसके चलते जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का कोई पुरसाहाल नहीं था। आने वाले मरीजों के इलाज के लिए भी डॉक्टर मुहैया नहीं थे। देर रात एक मरीज को दिल का दौरा पड़ने पर परिजन जिला अस्पताल लाए लेकिन अस्पताल के इमरजेंसी में डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। परिजन डॉक्टर की तलाश में अस्पताल में भटकते रहे और मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव देवीपाटन मंडल के चयनित अभ्यर्थियों को बेरोजगारी भत्ता व कन्या विद्याधन बांटने के लिए जनपद में थे। लेकिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दो दिन पूर्व से ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद रहा। इसका आलम यह रहा कि अधिकतर डॉक्टरों की ड्यूटी एक दिन पहले से ही मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगा दी गई थी। इससे अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। रविवार देर रात पयागपुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी कल्लू कश्यप (50) पुत्र संतोखी को दिल का दौरा पड़ा। परिजन मरीज को जिला अस्पताल लेकर आए। परिजन मरीज को अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लेकर पहुंचे लेकिन यहां डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। पता चला कि ड्यूटी पर जो चिकित्सक हैं वह इंडोर सेक्शन में मरीज को देखने गये हैं। परिजन पुरुष और महिला अस्पताल के वार्डो में डॉक्टर की तलाश करते रहे। इसी बीच कल्लू ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हो हल्ला किया। इसके बाद रात में ही कल्लू का शव लेकर परिजन वापस लौट गए। परिजनों के मुताबिक कल्लूू को दिल का दौरा पड़ा था। जिला अस्पताल में इलाज न मिल पाने के कारण उसकी जान चली गई।
गंभीर हालत में लाया गया था मरीज : सीएमएस
जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के. राम ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कुछ डॉक्टराें की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन ऐसा नहीं है कि मरीजों का इलाज नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी जरूर थी। फिर भी ओपीडी का संचालन हुआ है। सीएमएस ने कहा कि रात में मरीज के दम तोड़ने का मामला उनके संज्ञान में आया है। इमरजेंसी में एक ही डॉक्टर था। वह अन्य मरीजों का इलाज करने के लिए वार्ड में गया था। जब तक पहुंचता तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। सीएमएस ने कहा कि कल्लू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल की लापरवाही से हुई मौत
चिकित्सक के अभाव में रात में जिला अस्पताल में दम तोड़ने वाले कल्लू के भाई जवाहर का कहना है कि वह पौन घंटे तक डॉक्टर की तलाश में भटकता रहा लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। जिसके चलते इलाज के अभाव में भाई की मौत हो गई। जवाहर ने कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र भेजेगा।
सुबह भी भटकते रहे मरीज, नहीं हुआ इलाज
जिला अस्पताल में सुबह भी मरीजों की इलाज की स्थिति बदहाल रही। 201 बेड के मरीज एक डॉक्टर के भरोसे रहे। श्रावस्ती जिले के भिनगा कस्बा निवासी मोहन लाल गुप्ता सोमवार की दोपहर इलाज के लिए हाथ में पर्चा लिए डॉक्टर की तलाश में भटकते रहे लेकिन उन्हें फिजीशियन नहीं मिल सका पता चला कि मुख्यमंत्री की ड्यूटी में फिजीशियन कतर्नियाघाट में हैं। यही हाल मोतीपुर निवासी मोल्हे, खुटेहना निवासी गंगाराम, फखरपुर निवासी जुगनू, हरदी निवासी अनुराग का रहा। हाथ में पर्चा थामे परिसर में डॉक्टरों की तलाश करते दिखे। जब डॉक्टर नहीं मिले तो इन मरीजों को बैरंग अपने घर को वापस लौटना पड़ा।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper