घाघरा की कटान तेज, दहशत

Bahraich Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
महसी (बहराइच)। घाघरा नदी की कटान फिर शुरू हो गई है। नदी ने सोमवार को कटान करते हुए दो ग्रामीणों के आशियानों को लील लिया है। लगभग 250 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है। कटान तेज होने से नदी के तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में हैं।
घाघरा नदी के जलस्तर में कोई खास इजाफा तो नहीं हुआ है लेकिन बीते तीन दिन से शुरू हुई कटान निरंतर बढ़ती जा रही है। सोमवार को नदी की लहरों ने तारापुरवा और छत्तरपुरवा गांव के मध्य कटान करते हुए लगभग 250 बीघा खेती योग्य जमीन को लील लिया। तारापुरवा निवासी राघवराम और जुमेर का मकान कटान की भेंट चढ़ गया है। इसके अलावा गांव निवासी राजेंद्र सिंह, ओमकार, जगदेव, शिवमंगल, भगौती प्रसाद, अशर्फीलाल, ढोढ़े, लल्लन, अशोक कुमार, सुखदेव, रामहेत समेत 35 ग्रामीणों के खेतों के पास नदी की लहरें कटान कर रही हैं। तिल-तिल कर खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो रही है। राजेंद्र और जगदेव का कहना है कि अचानक कटान शुरू होने से लग रहा है कि खेती को भी घाघरा मइया लील लेंगी। इस मामले में ग्रामीणों ने तहसील पर सूचना दी है। सरयू ड्रेनेज खंड के अभियंताओं को भी कटान से अवगत कराया गया है लेकिन अब तक कटान रोकने के कोई उपाय नहीं हो सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही हालत रही तो रही सही खेती भी लहरों में समाहित हो जाएगी।

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