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तालाब में डूबकर दो किशोरियों की मौत

Bahraich Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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मिहींपुरवा (बहराइच)। परवानीगौढ़ी गांव निवासी दो किशोरियां की बरसाती तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों शुक्रवार दोपहर बकरियों को चराने के लिए घर से निकलीं थी। पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। किशोरियों की मौत से गांव में कोहराम मच गया है। दोनों परिवारों के लोग रो-रो कर बेहाल हैं।
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मोतीपुर थाना अंतर्गत परवानीगौढ़ी गांव निवासी गोपाल की 14 वर्षीय पुत्री आरती व राजेंद्र की 12 वर्षीय पुत्री जूली सहेलियां थीं। प्रतिदिन की तरह शुक्रवार दोपहर में दोनों बकरियों को लेकर चराने के लिए घर से निकलीं थीं। गांव से एक किलोमीटर दूर नानपारा-लखीमपुर मार्ग पर छेद्दू ईंट भट्ठे के निकट जब बकरियां घास चर रही थीं तभी दोनों खेलने लगीं। खेलते समय जूली का पैर पास में स्थित एक बरसाती तालाब में फिसल गया। तालाब गहरा होने के चलते वह डूबने लगी। इस पर आरती ने जूली को बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक वह भी उसमें जा गिरी। दोनों सहेलियों ने शोर मचाया। कुछ दूरी पर मछली का शिकार कर रहे लोगों ने चीख सुनी तो मौके पर दौड़े लेकिन तब तक दोनों की डूबकर मौत हो चुकी थी। गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो डूबी किशोरियों की पहचान हुई। परिजन तालाब से शव को निकालकर घर ले आए ।

सूचना पाकर थानाध्यक्ष कैलाशनाथ यादव भी मौके पर पहुंचे। लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि ग्राम प्रधान दिनेश कुमार की मौजूदगी में दोनों शवों का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
अपने-अपने भाइयों की इकलौती बहनें थीं दोनों
परवानीगौढ़ी गांव निवासी गोपाल की चार संतानें थीं। इनमें तीन बेटे व एक बेटी आरती थी। राजेंद्र के भी तीन संताने थीं। इनमें दो बेटे व एक बेटी जूली शामिल थी। लेकिन शुक्रवार दोपहर में हुए हादसे के बाद दोनों परिवारों के लोग पछाड़े खा-खाकर गिर रहे हैं। आरती के भाई मुन्ना व जूली के भाई राजू का कहना है कि उनकी इकलौती बहनें थीं। इस हादसे के बाद घर सूना हो गया है। मां-बाप भी उस घड़ी को कोस रहे हैं जब उन्होंने बेटियों को मवेशियों को चरागाह ले जाने को कहा था।
भट्ठे की मिट्टी खोदने से बना गड्ढा
जिस गड्ढे में डूबकर दो किशोरियों की मौत हुई है उस गड्ढे से भट्ठे के मजदूरों ने कुछ दिनों पूर्व मिट्टी निकाली थी। बरसात में गड्ढा पानी से लबालब होकर तालाब बन गया। किनारे की मिट्टी भी बह गई जिससे गड्ढा और भी खतरनाक हो गया।
नहीं मिलेगा मुआवजा
घटना की सूचना पाकर राजस्व निरीक्षक रामकिशुन लेखपाल शंभूनाथ के साथ मौके पर पहुंचे हैं। राजस्व निरीक्षक का कहना है कि लापरवाही के चलते दोनों किशोरियों की डूबकर मौत हुई है। ऐसे में दैवीय राहत सहायता नहीं प्रदान की जा सकती है।

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