स्पर का पांच मीटर हिस्सा और कटा

Bahraich Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
बहराइच। बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए निर्मित स्पर नंबर एक पर भी घाघरा की लहरें निशाना साधे हुए हैं। नदी की कटान से स्पर की नोज का पांच मीटर हिस्सा शनिवार दोपहर को नदी में समाहित हो गया। कई स्थानों पर स्पर धंस गया है। जिसके चलते स्पर तो असुरक्षित है ही, तटबंध की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए बिसवां गांव के निकट किलोमीटर संख्या 62 से 64 के मध्य डेढ़ माह पूर्व 4 करोड़ 27 लाख की लागत से तीन स्पर का निर्माण कराया गया था। इस स्पर का उद्देश्य घाघरा की लहरों को मोड़ना था। लेकिन स्पर निर्माण के बावजूद घाघरा की लहरें अब तक दूसरी दिशा में मुड़ नहीं सकी हैं। घाघरा नदी ने शनिवार की दोपहर स्पर नंबर एक की नोज के पांच मीटर हिस्से को खत्म कर दिया। इस समय नदी जोगलापुरवा और छत्तरपुरवा गांव के निकट कटान करते हुए तटबंध की ओर बढ़ रही है। नदी व तटबंध के बीच महज सवा सौ मीटर का ही फासला बचा है। नदी की कटान की रफ्तार प्रतिदिन दो से ढाई मीटर है।
नहीं निकाला जा सका ट्रैक्टर
स्पर नंबर एक की मरम्मत के लिए बिसवां निवासी राजेंद्र व वीरेंद्र का ट्रैक्टर दो दिन पूर्व स्पर पर बोरी और बजड़ी पहुंचा रहा था। उसी दौरान स्पर की नोज धंसने से ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में समा गई थी। पहले तीन नावों के सहारे ट्रैक्टर निकालने का प्रयास किया गया। दो दिन से क्रेन से ट्रैक्टर खींचने की कवायद चल रही है लेकिन सफलता नहीं मिली है। अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि गिरिजापुरी से दो गोताखोर बुलाए गए हैं। गोताखोर नदी में उतरकर क्रेन की जंजीर ट्रैक्टर से बांधेंगे, उसके बाद ट्रैक्टर को खींचा जाएगा। गोताखोरों की सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए गए हैं।
लहरें लील गईं नौ मकान
बहराइच/जरवलरोड। घाघरा के जलस्तर में लगातार गिरावट के साथ कटान भी तेज हो गई है। महसी और कैसरगंज में नौ ग्रामीणों के मकान नदी में समा गए। 170 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है।
घाघरा नदी के सैलाब में कोई कमी नहीं आई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.956 मीटर पर पहुंच गया है लेकिन अभी भी नदी खतरे के निशान से 88.6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक ओमकार सोनी ने बताया कि एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी के जलस्तर में कमी आ रही है। जलस्तर में गिरावट के कारण कटान और तेज हुई है। महसी तहसील के ग्राम पंचायत बेहटा चूड़ामणि के नयापुरवा में भगोले, कलावती, बबलू, जानकी, राम उग्गर समेत छह ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हुए हैं। उधर, कैसरगंज तहसील के खासेपुर गांव में मुशर्रफ, जाबिर और बड़कन्ने के मकान घाघरा की लहरों में डूब गए हैं। बिसवां से छत्तरपुरवा के निकट नदी तेज कटान कर रही है।
उधर, नानपारा के मिहींपुरवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम गिरगिट्टी के ग्रामीणों के खेत भी घाघरा के निशाने पर हैं। शनिवार को नदी ने कटान करते हुए गांव निवासी रामलाल, सुमेरा, विनोद कुमार, जमींदार, बाबादीन, भरोसे, इंद्रपाल, मोलहे और तारावती की लगभग 150 बीघा धान और गन्ने की फसल समाहित कर ली है।

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