घटने लगा घाघरा का जलस्तर, कटान तेज

Bahraich Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
बहराइच। घाघरा नदी के जलस्तर में शुक्रवार सुबह से कमी आने लगी है। हालांकि, नदी अब भी खतरे के निशान से एक मीटर ढाई सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। कटान तेज हो गई है। महसी का नयापुरवा गांव व खरखट्टनपुरवा जूनियर विद्यालय नदी के निशाने पर हैं। महसी और कैसरगंज में लगभग सवा सौ बीघा धान व गन्ने की फसल घाघरा में समाहित हुई है।
घाघरा नदी का कोप अभी थमा नहीं है। शुक्रवार की दोपहर में घाघरा का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर 107.096 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक ओमकार सोनी ने बताया कि एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी हो रही है। जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गई है। महसी तहसील क्षेत्र के नयापुरवा गांव पर संकट मंडराने लगा है। नदी की लहरें गांव निवासी श्यामबिहारी, केशव, केशराम, मनोज, सुरेश कुमार, रमेश कुमार समेत 12 ग्रामीणों के मकानों पर थपेड़े ले रही हैं। गांववासी अपने आशियाने उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। खरखट्टनपुरवा के जूनियर विद्यालय के पास भी कटान हो रही है। छत्तरपुरवा और अरनवा के मध्य बैजनाथ, लंबरदार, कनौजीलाल, खेलावन, मुंशीलाल, ननकुन्ने तथा रामफल की लगभग 100 बीघा धान व गन्ने की फसल कटान की भेंट चढ़ी है। उधर, कैसरगंज तहसील के खासेपुर व गोड़हिया नंबर तीन में लगभग 25 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समा गई है। जलस्तर में कमी के बावजूद महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील क्षेत्र में बाढ़ का संकट बरकरार है। अभी भी 40 ग्राम पंचायतों की 71861 आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
लगी हैं 213 नावें व आठ मोटरबोट
अपर जिलाधिकारी यूएन सिंह ने बताया कि नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन व उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए 213 नावें तथा 8 मोटरबोट संचालित हो रही हैं। 10 बाढ़ चौकियां भी सक्रिय कर दी गई हैं। आठ स्थानों पर लंगर केंद्र चल रहे हैं, जहां लोगों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है।
दी जा रही सहायता
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन ग्रामीणों के मकान घाघरा के कटान में समाहित हुए हैं, उन्हें गृह अनुदान का चेक 24 घंटे में मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 6130 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 2069 परिवारों को अनाज बांटा गया है।
चार बैराजों से छोड़ा गया 3 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी
एडीएम ने बताया कि चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 107287, गोपिया बैराज से 2752, शारदा बैराज से 124500 और बनबसा बैराज से 71570 क्यूसेक पानी घाघरा व सरयू में छोड़ा जा चुका है। ऐसे में यह पानी 18 से 20 घंटे के अंदर महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में पहुंच सकता है लेकिन पहले से ही पानी का फैलाव अधिक होने के चलते इसका कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा।

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