30 मीटर बही स्पर नंबर एक की नोज

Bahraich Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
बहराइच। घाघरा का सैलाब जिले में तबाही मचा रहा है। महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील क्षेत्र बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए नवनिर्मित स्पर नंबर एक की नोज का 30 मीटर हिस्सा गुरुवार सुबह नदी के तेज बहाव में बह गया। इस दौरान स्पर के बचाव में लगा ट्रैक्टर भी ट्रॉली समेत नदी में बह गया। मजदूरों ने तैरकर जान बचाई। इस समय घाघरा नदी खतरे के निशान से एक मीटर 8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर है। बाढ़ का खतरा बरकरार है, जिसके चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
घाघरा नदी के जलस्तर में बुधवार रात पांच सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई लेकिन उसके बाद से नदी का जलस्तर स्थिर है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक ओमकार सोनी ने बताया कि रात से एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 107.156 मीटर पर स्थिर है। खतरे के निशान से नदी का जलस्तर एक मीटर ऊपर पहुंचने के कारण महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील क्षेत्र में तबाही का दौर जारी है। महसी के 41, कैसरगंज के 20 और नानपारा तहसील की तीन ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं।
महसी तहसील के मुरौवा रेती, उमरिया, जोगापुरवा, प्रह्लादपुरवा, ठड़बेहना, बाहेरपुर, गोलागंजरेती आदि गांवों में अभी तक नावों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ग्रामीण पानी के बीच फंसे हैं। यही स्थिति कैसरगंज तहसील के तपेसिपाह, खासेपुर गांव की है। जलस्तर स्थिर होने से नदी का पानी अन्य गांवों में तो नहीं फैला है लेकिन 95 किलोमीटर लंबे बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए डेढ़ माह पूर्व नवनिर्मित स्पर नंबर एक पर कहर बरपा रहा है। नदी की लहरों ने गुरुवार सुबह स्पर की नोज के ऊपरी हिस्से में कटान करते हुए 30 मीटर हिस्सा समाहित कर लिया है। स्पर की नोज को पुख्ता करने के लिए उसी समय बिसवां निवासी एक ग्रामीण की ट्रैक्टर ट्रॉली बालू की बोरियां लेकर पहुंची। नोज के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नदी में बह गया। बचाव कार्य कर रहे मजदूरों ने किसी तरह तैरकर जान बचायी। हड़कंप मचा है।
मंगाई गई हैं नावें
सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि गुरुवार सुबह से नदी की कटान तेज हुई है। उन्होंने स्पर क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली के नदी में बहने की बात स्वीकारी। अधिशासी अभियंता ने कहा कि मजदूर सुरक्षित हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली को नदी से निकालने के लिए तीन बड़ी नावें मंगाई गई हैं। क्रेन की भी व्यवस्था की जा रही है। तटबंध की मरम्मत के लिए फिर कार्य शुरू कर दिया गया है। सभी अवर व सहायक अभियंता मौके पर कैंप कर रहे हैं।
तिकुनिया तक ही जाएंगी ट्रेनें
पड़ोसी लखीमपुर जिले में भी शारदा नदी उफनाई हुई है। इससे पलिया और मैलानी के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी का तेज बहाव है। गोंडा-मैलानी प्रखंड पर संचालित होने वाली ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया है। बहराइच के स्टेशन अधीक्षक एमए सिद्दीकी ने बताया कि गोंडा से मैलानी जाने वाली 52257, 52259, 52253 व गोकुल एक्सप्रेस 1553 ट्रेनों का संचालन गोंडा से तिकुनिया तक ही होगा। यह सभी ट्रेनें तिकुनिया रेलवे स्टेशन से वापस गोंडा के लिए लौट आएंगी। प्रखंड के लोग अब बाढ़ खत्म होने तक मैलानी और बरेली की यात्रा ट्रेन द्वारा नहीं कर सकेंगे।

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