लहरों के कहर से कराह रहा िकसान

Bahraich Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
श्रावस्ती। कछार में राप्ती की विनाश लीला जारी है। राप्ती की धारा में इकौना व भिनगा तहसील क्षेत्र के कई गांवों की कृषि भूमि फसल सहित समाहित हो चुकी है। लहरों का कहर अपने चरम पर है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा है। वहीं इसकी लहरें घटते जलस्तर के कारण दो गुना वेग से कटान कर रही हैं। राप्ती इकौना तहसील क्षेत्र के मोहम्मदपुर कला, सुजानडिहवा व अमवा, राजगढ़ गुलहरिया, बगहा, जिवनारायणपुर, मुश्काबाद, डिंगुराजोत, लोहनियाफार्म, खसियारी, भुतहा, बसभरिया, नारायणजोत, भोजपुर इमिलिया, मनिकौरा, किढ़िहौना, लैबुड़वा व फत्तूपुर तनाजा सहित कई गांवों में कटान कर रही है, िजससे कि सानों का संकट बढ़ता जा रहा है। वहीं, भिनगा तहसील क्षेत्र के कलकलवा, घुमना, रामपुर भागड़, बांसगढ़ी, गनेशपुर भागड़ में तेजी से कटान जारी है। राप्ती में कई गांवो की कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो चुकी है।
इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर कला व प्राथमिक विद्यालय कलकलवा राप्ती कटान की जद में आ चुका है। इन विद्यालयों से नदी मात्र आठ से दस मीटर ही दूर रह गई है, लेकिन प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। वहीं इस संबंध में अपर जिला अधिकारी का दावा है कि कटान प्रभावित गांवों में गांवों में हल्का लेखपाल रात्रि प्रवास कर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

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