सेफ्टी टैंक में गिरा मासूम, मौत

Baghpat Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
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बागपत। सालीग्राम मोहल्ले में घर में ही बन रहे सेफ्टी टैंक में गिरकर चार साल के बच्चे की मौत हो गई। वह टैंक में करीब मिनट तक पड़ा रहा। जैसे ही परिजनों की नजर पड़ी उसे निकालकर सरकारी अस्पताल ले गए। यहां न तो कोई डाक्टर मिला न ही पैरामेडिकल स्टाफ। रोते-बिलखते परिजन वापस लौट गए। थोड़ी देर बाद वे फिर अस्पताल आए लेकिन तब-तक देर हो चुकी थी।
हादसा शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ। पवन कुमार का चार साल का बेटा नानू खेलते खेलते घर में बन रहे सेफ्टी टैंक के गड्ढे में गिर गया। इसमें पानी भरा हुआ था। वह 20 मिनट तक इसमें पड़ा रहा। इसके बाद जब परिवार के लोगों ने नानू को ढूंढा तो वह टैंक में गिरा हुआ मिला। परिजन उसे निकाल कर निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने गंभीर हालत बताकर उसे रेफर कर दिया। इस पर उसे सीएचसी लेकिन सीएचसी की इमजेंसी पर कोई नहीं मिला। इससे गुस्साए लोगों ने सीएचसी पर हंगामा किया और बच्चे को वापस घर ले गए। किसी ने बताया कि गर्मी मिलने से सांस चल सकती है। इसके बाद अंगीठी के पास बच्चे को रखकर गर्मी दी गई, लेकिन फायदा नहीं मिला। परिजन फिर बच्चे को लेकर सीएचसी पहुंचे। इस समय यहां सिर्फ एक फार्मेसिस्ट मिला। उसने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। उधर, पवन कुमार के परिवार के लोगों ने बताया कि नानू के भाई मोहित (11वर्ष) की दो पूर्व सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बच्चे की मौत से परिवार के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ऐसे डाक्टरों की जरूरत क्या है ?
बागपत। इस जनपद में एक तो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। कभी प्रसव के लिए अस्पताल गई महिला को लौटा दिया जाता है, कभी घायल को उपचार के लिए डॉक्टर ही नहीं मिलता है। सवाल ये है कि जो डाक्टर ड्यूटी पर रहते ही नहीं, उनकी इस जिले को जरूरत क्या है? आए दिन अस्पतालों में हंगामे हो रहे हैं लेकिन इससे न तो स्वास्थ्य विभाग चेतता है न ही डाक्टर।

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