लटक गए डूडा के काम

Baghpat Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
बागपत। योजनाएं बन गईं, बजट भी आ गया, लेकिन काम कौन कराए ? क्योंकि विभाग में कोई अधिकारी ही नहीं है। यह हाल है नगर में विकास कार्य कराने वाले विभाग डूडा का।
बागपत में नगरीय विकास अभिकरण का दफ्तर तो है, यहां योजनाएं भी हैं, बजट भी आ गया है, प्रस्ताव भी तैयार हो गए हैं, लेकिन काम कराने के लिए कोई अधिकारी नहीं है। डूडा के परियोजना अधिकारी को लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। उसके बाद से यहां सभी कार्य ठप पड़ गए। बताया जाता है कि ऋण योजना के लिए बजट आ गया है। ट्रेनिंग का कार्य भी शुरू होना है। नगर पालिका को सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। शहर में सड़कों का निर्माण किया जाना है, लेकिन परियोजना निदेशक के न होने से कोई भी कार्य नहीं हो पा रहा है। बताया जाता है कि डूडा में अभी परियोजना निदेशक के अलावा, न तो कोई जेई है, न एई है। यहां तक कि अकाउंटेंट भी नहीं है। यहां के अकाउंट का चार्ज बुलंदशहर के अकाउंटेंट को दे रखा है, जो सप्ताह में एक या दो दिन ही आ पाता है। आरईएस विभाग के इंजीनियरों को यहां अटैच कर रखा है, लेकिन डूडा के पीओ के न आने के कारण वह भी खाली हैं।
जिलाधिकारी अमृता सोनी का कहना है कि पीओ डूडा के लखनऊ अटैच किए जाने के बाद अभी तक कोई स्थानांतरित होकर नहीं आया। फिलहाल चार्ज उन्हीं के पास है। शीघ्र ही यहां अधिकारी की तैनाती हो जाएगी।

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