विज्ञापन

सतर गांवों में महीनों से धधक रहा कोटे का विवाद

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 06 Jun 2017 11:35 PM IST
ख़बर सुनें
आजमगढ़। जिलापूर्ति कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से जिले के करीब 70 गांवों में कोटे की दुकान को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इन गांवों की दुकानों को दूसरे गांव के कोटेदार के यहां संबद्ध कर दिया गया है। ऐसे विवादों का निस्तारण नहीं किए जाने के कारण ग्रामीण कोटेदार पर राशन वितरण में अनियमितता, पक्षपात, समय पर राशन और तेल न देने का आरोप लगा रहे हैं। इनमें से कई गांव के लोग डीएम, एसडीएम के यहां प्रदर्शन भी कर चुके हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने ऐसे विवादों को निस्तारित नहीं किया तो किसी अन्य गांव में भी चकमेउवां जैसी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव में महीनों से कोटे का विवाद चल रहा था। इस विवाद के निस्तारण के लिए 22 मई को गांव में खुली बैठक आयोजित हुई थी। जिसमें गांव के सुदर्शन चौहान का समर्थक चुनाव जीत गया था। लेकिन ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव चाहते थे कि कोटा उनके समर्थक के पास रहे। समय रहते प्रशासन इस मामले का निस्तारण नहीं करा सका। इस लापरवाही का परिणाम रहा कि प्रधान पक्ष के लोगों ने 28 मई की रात सुदर्शन चौहान और मुन्नीलाल चौहान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सुदर्शन का भतीजा राजू घायल है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा। इस घटना के बाद सुदर्शन पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि कोटेदार को प्रधान का समर्थन था। इसके चलते वह ठीक तरह से राशन नहीं देता था। बल्कि कार्ड धारकों का बचा हुआ राशन ब्लैक कर देता था। इसकी रकम प्रधान और क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालय को भी जाती थी। चकमेउवा गांव में घटना के बाद भले ही कोटे का विवाद जगजाहिर हो गया। लेकिन अभी भी 70 ऐसे गांव हैं जहां राशन की दुकान निलंबित है। इस गांव के कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए दूसरे गांव के कोटेदार के यहां जाना पड़ता है। समय पर न पहुंचने पर राशन भी नहीं मिल पाता। जिलापूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा की मानें तो जिले में कुल 2255 सरकारी सस्ते गल्ले (कोटा) की दुकानें हैं। इसमें से किन्ही कारणों से 70 दुकानें निलंबित हैं। इसमें से कुछ का मामला न्यायालय में चल रहा। जबकि कई दुकानों की जांच किसी न किसी अधिकारी के यहां लंबित है। इन दुकानों के विवाद को जल्द सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
एक सप्ताह में निपटा लिए जाएंगे विवाद : आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव में कोटे के विवाद में हुई दो लोगों की हत्या के बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह ने विवादित राशन की दुकानों का विवाद सुलझाने के लिए चार बिंदुओं का एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत एक सप्ताह के भीतर विवाद निपटाने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि रिक्त दुकानों की सूची तैयार की जा रही है। सूची तैयार होने के बाद सभी गांवों में एक साथ खुली बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारी, जिलापूर्ति विभाग के अधिकारी और पुलिस फोर्स मौजूद रहेगी। बैठक में जिस दुकानदार का चयन होगा। उसे कोटा दे दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि कोई भी दुकान दूसरे गांव के कोटेदार के यहां अटैच नहीं होगा। यदि किन्ही कारणों से अटैच होता है तो संबंधित कोटेदार उस गांव में राशन बांटेगा। जिस गांव का कोटा होगा। राशन वितरण की सारी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की होगी। डीएम ने कहा कि किसी को भी राशन प्रधान के सत्यापन के बाद ही मिलेगा। यदि प्रधान लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध धारा 120 बी के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि जिला पूर्ति विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से राशन वितरण में अनियमितता हो रही है। क्योंकि किसी गांव में राशन 40 प्रतिशत तो कहीं 100 प्रतिशत का आवंटन हो रहा। जिससे गड़बड़ी फैल रही। इसे दूर करने के लिए सभी कोटेदार को 74 प्रतिशत के हिसाब से राशन का आवंटन किया जाएगा। बचे हुए राशन का कोटेदार, प्रधान और सेक्रेटरी जवाब देंगे।

Recommended

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें मात्र ₹1100 में
त्रिवेणी संगम पूजा

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें मात्र ₹1100 में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Varanasi

आजमगढ़: पत्नी-बेटी की हत्या के बाद दूसरी बेटी से कर रहा था रेप, मामला पहुंचा थाने

आजमगढ़ जिले में कंधरापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी ने बुधवार को सामाजिक संस्था की महिलाओं के साथ शहर कोतवाली पहुंची।

17 जनवरी 2019

विज्ञापन

गठबंधन के दौर से गुजर रहा है देश, SP-BSP गठबंधन नई बात नहीं: ओम प्रकाश राजभर

यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन के बाद यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश  राजभर का बयान सामने आया है।

13 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree